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हैदराबाद से अमेरिका के सीनेट तक… कौन हैं ग़ज़ाला हाशमी, जो बनीं वर्जीनिया की नई लेफ्टिनेंट गवर्नर?

ग़ज़ाला हाशमी ने रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन रीड को लगभग 54% वोटों से हराया.अब वे वर्जीनिया सीनेट की अध्यक्षता करेंगी, जहां उनके पास बराबरी की स्थिति (टाई वोट) में निर्णायक वोट डालने का अधिकार होगा.

Who is Ghazala Hashmi Virginia Lieutenant Governor: भारतीय मूल की डेमोक्रेट ग़ज़ाला हाशमी ने 2025 के वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर का चुनाव जीतकर नया इतिहास रच दिया है. ग़ज़ाला अमेरिका में राज्यव्यापी कार्यालय के लिए चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम महिला और पहली भारतीय अमेरिकी बन गई हैं.

ग़ज़ाला हाशमी ने रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन रीड को लगभग 54% वोटों से हराया.अब वे वर्जीनिया सीनेट की अध्यक्षता करेंगी, जहां उनके पास बराबरी की स्थिति (टाई वोट) में निर्णायक वोट डालने का अधिकार होगा.

डोनाल्ड ट्रम्प ने दी बधाई

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने हाशमी की जीत की सराहना की है और इसे अमेरिकी शासन में समावेशिता और प्रतिनिधित्व के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है.

चुनाव जीतने के बाद ग़ज़ाला हाशमी ने क्या कहा?

हाश्मी ने चुनाव जीतने के बाद कहा कि मैंने पहली बार चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि मैं सिर्फ चुपचाप देखने के बजाय लक्षित और अपमानित हो रहे हाशिए के समुदायों का समर्थन करना चाहती थी. मैंने सार्वजनिक पद के लिए चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि इस देश में किसी को भी यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उनके पड़ोस या उनके अपने समुदाय में उनका स्वागत नहीं है.

हैदराबाद से अमेरिका के सीनेट तक का सफर

61 वर्षीय ग़ज़ाला हाशमी का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ था. वो बचपन में अपनी मां और भाई के साथ अमेरिका चली गईं, जहां उनके पिता जॉर्जिया साउदर्न यूनिवर्सिटी, सवाना में पढ़ा रहे थे.

ग़ज़ाला ने एमोरी यूनिवर्सिटी से साहित्य में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की और करीब तीन दशकों तक वर्जीनिया में प्रोफेसर और कॉलेज प्रशासक के रूप में काम किया.

ग़ज़ाला हाशमी का राजनीतिक करियर साल 2019 में शुरू हुआ. उन्होंने वर्जीनिया की एक स्टेट सीनेट सीट के लिए चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही वो वर्जीनिया स्टेट सीनेट में सेवा करने वाली पहली मुस्लिम महिला बनीं थी.

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