Ankita Bhandari Murder Case: साल 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी नाम की एक लड़की की हत्या हुई थी. अंकिता भंडारी वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट. रिसॉर्ट में आने वाले कथित VIP को विशेष सेवा देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया, जिसका अंकिता ने विरोध किया. इसके बाद अंकिता की हत्या कर दी गयी. अंकिता के परिवार वालों का आरोप है कि जिस VIP को विशेष सेवा देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया, वह भाजपा नेता दुष्यंत गौतम थे. दुष्यंत गौतम को अब सिक्किम का राज्यपाल बना दिया गया है.
अंकिता भंडारी के माता-पिता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के खिलाफ दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. बीते रोज (14 अक्टूबर) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रदर्शन कर रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलने पहुंचे. दोनों लगभग एक-डेढ़ घंटे तक अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की. इस दौरान कांग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचने लगे. इसको देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गई.
दरअसल, अंकिता के माता-पिता यह मांग कर रहे हैं कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केस में CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए. वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति भवन से जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के जरिए देश के 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की, जिसमें भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम को सिक्किम का 21वां राज्यपाल नियुक्त किया गया है.
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रदर्शन कर रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता से इंडिया गेट पर मुलाकात की. राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर इसको लेकर दो पोस्ट किया. राहूल ने पहले पोस्ट में लिखा, “चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला. जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है – उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती. आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, India Gate पर बैठे हैं. मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं – उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी.”
राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) दूसरे पोस्ट में लिखा, “सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया. उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे – बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए. कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे. जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया. इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो. पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी. कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी – जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता.
गौरतलब है कि जिस वनंतरा रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी हत्या हुई थी. वह रिसॉर्ट भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य का था. इस हत्याकांड के बाद भाजपा ने एक्शन लिया और भाजपा नेता विनोद आर्या और उनके एक बेटे अंकित आर्य को पार्टी से निकाल दिया.
