Middle East News: ईरान, अमेरिका और इजरायल के युद्ध ने मिडिल ईस्ट की सिक्योरिटी अरेंजमेंट को झकजोर दिया है और इतना झकझोरा है कि इसे बदलने की क्षेत्रीय देश एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं. पहले पाकिस्तान और सऊदी ने रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौता किए. इसके बाद 7 अगस्त 2026 को पाकिस्तान, सऊदी और तुर्किये ने मक्का डिफेंस पैक्ट किए. इसके बाद 21 अक्टूबर 2026 को कतर की राजधानी दोहा में पाकिस्तान, इंडोनेशिया, कतर और तुर्की ने ‘बदर MoU’ पर हस्ताक्षर किए. अब सोमवार (26 अक्टूबर) को ईरान में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी के वरिष्ठ प्रतिनिधि जाने वाले हैं. यहां ये तीनों देशों के प्रतिनिधि ईरान के प्रतिनिधि के साथ बैठक करेंगे और क्षेत्रीय सुरक्षा अरेंजमेंट के विचार को बढ़ावा देने पर बातचीत करेंगे.
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) के उप सचिव अली बाघेरी कानी ने कहा कि तीन वरिष्ठ अधिकारियों का सोमवार को एसएनएससी सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेजाई से मिलने और एक संयुक्त सत्र में भाग लेने का कार्यक्रम है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई का कहना है कि इस बैठक में क्षेत्र के देशों के हितों और फैसलों पर आधारित एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की नींव रख सकती है. उन्होंने कहा, “हमारे नजरिए से, यह एक स्वागत योग्य कदम है कि क्षेत्रीय देश अपने हितों और चिंताओं के आधार पर क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, या कम से कम इस पर विचार कर रहे हैं.”
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि इस बैठक का प्रस्ताव पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा के दौरान रखा गया था, जिसका इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने स्वागत किया. इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत होगी. बघाई ने बताया कि आने वाले अधिकारी ईरानी राष्ट्रपति और ‘सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल’ (सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद) के सचिव के साथ चर्चा करेंगे.
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) के उप सचिव अली बाघेरी ने बताया, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का रक्षा मॉडल, अपनी स्वदेशी क्षमताओं के आधार पर, राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक सफल मॉडल बन गया है.”
