Homeदेशश्री राम के जन्मस्थान से कारसेवकों की मौत तक, एसटी हसन के...

श्री राम के जन्मस्थान से कारसेवकों की मौत तक, एसटी हसन के सवालों पर बीजेपी का पलटवार

Uttar Pradesh News: समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान और बाबरी मस्जिद से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए. उनके बयान पर बीजेपी मंत्री रजनी तिवारी ने पलटवार किया. दोनों नेताओं के बयानों के बाद राम मंदिर, बाबरी मस्जिद और कारसेवकों से जुड़ा विवाद फिर चर्चा में आ गया. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

Uttar Pradesh News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एसटी. हसन ने अयोध्या में श्रीराम के जन्मस्थान की पुष्टि न होने का मुद्दा उठाया है. साथ ही बाबरी मस्जिद के नीचे कोई मंदिर होने की सबूत न मिलने की बातों को दोहराया. इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है. भारतीय जनता पार्टी की नेत्री और मंत्री रजनी तिवारी ने एसटी. हसन पर निशाना साधा है.

दरअसल, एसटी. हसन ने कहा कि श्री राम का सम्मान हम भी करते हैं, लेकिन यह किसी को नहीं पता कि उनका जन्मस्थान कहां है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में 12 से अधिक मंदिर हैं जो दावा करते हैं कि राम वहां पैदा हुए. दक्षिण में भी एक अयोध्या है, वहां के लोग भी यही दावा करते हैं. इसीलिए वास्तविक रूप में किसी को नहीं पता कि श्री राम का जन्मस्थान कहां है. एसटी हसन ने भाजपा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ये लोग कब तक कारसेवकों की आँसुओं पर राजनीति करेंगे. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोलियां नहीं चलावाई थी. उन्होंने कहा कि कारसेवकों पर किसी अधिकारी ने गोली चलवाई थी, क्योंकि अधिकारियों ने बाबरी मस्जिद की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया था.

एसटी. हसन के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी की नेत्री और मंत्री रजनी तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान को नहीं मानते हैं, उन्हें हम जवाब देकर क्या करेंगे? इनको तो भगवान जवाब देंगे. रजनी ने आगे कहा कि भगवान ने इन लोगों को जवाब दिया भी है, दिखिए आज कांग्रेस कहां है, समाजवादी पार्टी कहां है? उन्होंने कहा, “ये लोग भगवान पर क्वेश्चन मार्क लगाने का काम करते हैं. इन्होंने भगवान पर सवाल उठाने का काम किया और हम लोगों ने अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनाने का काम किया.

एसटी. हसन ने बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एएसआई ने भी कोर्ट में यह बात स्वीकार की थी कि अयोध्या में खुदाई वाले स्थल पर किसी मंदिर के अवशेष नहीं मिले. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने यह फैसला देश की जनभावनाओं के आधार पर दिया. उन्होंने कहा कि मस्जिद में चुपके से मूर्ति रखी गई थी, ये बात वे (हिंदू पक्ष) अब खुद स्वीकार कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि कारसेवकों पर गोली चली, जिसमें लगभग 15 लोगों की मौत हुई थी. लेकिन यह कहना है कि कारसेवकों की खून से सरयू नदी लाल हो गई थी. उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि 15 लोगों की मौत और उनके खून से नदी का पानी लाल हो सकता है?

spot_img
1,716FansLike
6,134FollowersFollow
118FollowersFollow
21,400SubscribersSubscribe