INDIA Bloc Mock Parliament Session: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग के प्रस्ताव पर इँडिया ब्लॉक ने आज नई दिल्ली में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया. इस मॉक पार्लियामेंट की कार्यवाही में कांग्रेस समेत इंडिया अलायंस के नेता शामिल हुए. साथ ही छात्र समूह, सिविल सोसाइटी और वे लोग भी शामिल हुए, जिनके नाम वोटर लिस्ट से गलत तरीके से काटे गए हैं. यह एक सांकेतिक कार्यवाही थी. इंडिया ब्लॉक लंबे समय से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है.
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जन-महाभियोग का प्रस्ताव कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेश किया. उन्होंने कहा कि आज हम जो प्रस्ताव लाए हैं, वह संवैधानिक संस्था की गरिमा को बचाने के लिए हैं. उन्होंने कहा कि हमारा CEC के खिलाफ कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है. हमारा इरादा यह है कि चुनाव आयोग संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष होकर काम करे, ताकि आम आदमी का उस पर भरोसा बना रहे.
उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में आर्टिकल 326 के तहत भारत के वयस्क नागरिक को वोटिंग का अधिकार मिला, जो आज गंभीर खतरे में है. उन्होंने बाबासाहेब अंबेडर को कोट करते हुए कहा कि बाबासाहेब ने संविधान सभा में कहा था कि लोकतंत्र में वोट का अधिकार ही आम आदमी की बसे बड़ी ताकत है. इसी अधिकार से जनता सरकार बनाती है और हटाती भी है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज से सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने का प्रस्ताव दोनों सदनों में रखा था, लेकिन हमारे नोटिस खारिज कर दिए गए और उन नोटिस को उन्होंने संज्ञान में नहीं लिया. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह आरोप पढ़ते हुए, खड़गे ने उन पर चुनाव चुराने की साजिश रचने, मतदाता सूची से 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने, संसद की मंजूरी के बिना ‘फॉर्म 6’ को बदलने, ECINET के जरिए मतदाता सूची पर अपना नियंत्रण करने, बाकी दो चुनाव आयुक्तों को दरकिनार करने और मोदी तथा शाह के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया.
