SIR News: वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से करोड़ों लोगों के नाम हटाए जाने पर राजनीतिक विवाद चल रहा है. SIR में जिन लोगों के नाम ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) सूची में चिन्हित किया गया है, उनके लिए चुनाव आयोग ने एक नया मौका दिया है कि वे अपने नए पते के विवरण के साथ एक बयान (स्टेटमेंट) देकर ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ भर सकते हैं. साथ ही बेघर लोगों के मामले में, BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा की गई फील्ड वेरिफिकेशन (मौके पर जाकर जांच) ही काफी होगी.
चुनाव आयोग ने बीते 6 नवंबर को दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को एक निर्देश जारी किया है, जिसका उद्देश्य सूची से छूटे हुए मतदाताओं को फिर से शामिल करने में मदद करना है. बता दें कि जो मतदाता कथित तौर पर तय समय सीमा के अंदर अपना ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ जमा नहीं कर पाए थे या वे ASDD सूची में हैं, वे अब अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं. जो लोग अब अपना एन्यूमरेशन फॉर्म’ जमा कर रहे हैं, उन्हें एक बयान भी देना होगा कि वे पहले फॉर्म क्यों नहीं जमा कर पाए थे. ऐसे सभी मामलों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए प्रोसेस किया जाएगा।
28 अक्टूबर 2026 को, दिल्ली में SIR (विशेष पुनरीक्षण) मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) सूची में शामिल हटाए गए मतदाताओं से ‘फॉर्म 6’ भरवाना एक गलती थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मतदाताओं को ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ (permanently shifted) या ‘अनुपस्थित/पता न चलने वाले’ (absent/untraceable) के रूप में चिह्नित किया गया है, तो उन्हें ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ (गणना फॉर्म) या ‘फॉर्म 8’ भरने की अनुमति दी जानी चाहिए. अब चुनाव आयोग ने जो लोग अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे या जिनका नाम ASDD सूची में हैं, उन्हें मौका दिया है कि वे अपना फॉर्म जमा कर दें.
