Corruption Allegations On Gyanesh Kumar: वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान गलत तरीके से वोटरों के नाम काटने के आरोप को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सवालों के घेरे में हैं. विपक्षी पार्टियां उन पर लगातार हमलावर थीं और उनका इस्तीफा मांग रही थीं. इस बीच अब उन पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लग रहे हैं. ये आरोप उस समय के हैं जब वे राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) में सचिव थे. उनके कथित पुराने भ्रष्टाचार के मामले को उजागर करने की कवायद चल रही है. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एक जांच दल का भी गठन कर दिया गया है.
केरल सरकार के विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (V&ACB) ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की शुरुआती जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. बीते शुक्रवार (6 नवंबर) को केरल सरकार के विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (V&ACB) ने ज्ञानेश कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का आदेश दिया. इस आदेश के मुताबिक ‘विजिलेंस स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट-1’ इस मामले की जांच करेगी. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने के लिए जिस SIT का गठन किया गया है, जिसके चीफ V&ACB के अधीक्षक इमैनुएल पॉल हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ज्ञानेश कुमार पर आरोप हैं कि उन्होंने केरल के लोक निर्माण विभाग (PWD) में सचिव पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार किए. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ठेकेदार साजन ने भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी. ठेकेदार ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने सड़क निर्माण परियोजना के तहत भुगतान जारी करने के लिए 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी. ठेकेदार साजन का आरोप है कि राज्य के पूर्व PWD सचिव ज्ञानेश ने जानबूझकर 17 करोड़ रुपये के बिलों के चेक रोक दिए थे, जबकि अधिकारियों ने उन्हें मंजूरी दे दी थी.
