Moradabad Mosque Demolition Threat: सहारनपुर कलेक्ट्रेट में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई को लेकर मुल्क भर में सवाल खड़े हो रहे थे. इसी कड़ी में मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना इलाके में मौजूद मुस्तफा मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है. वहीं, प्रशासन का कहना है कि मस्जिद कमेटी को दूसरी बार नोटिस जारी की जाएगी. अगर मस्जिद कमेटी की तरफ से नोटिस का जवाब नहीं दिया गया और मस्जिद से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं किए गए, तो प्रशासन मस्जिद के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई कर सकता है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना इलाके में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे-9 के किनारे फरीद जब्बार नामक निर्यातक ने अपनी फैक्ट्री में यह मस्जिद बनवाई थी. साल 2025 में उनकी मौत के बाद फरीद जब्बार के बेटे जीशान फरीद ने मस्जिद के पास की संपत्ति एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के मालिक को बेच दी. इसके बावजूद संबंधित मस्जिद में नमाज पहले की तरह अदा की जा रही है. बता दें कि जीशान फरीद संबंधित मस्जिद के प्रबंधक भी हैं. वहीं, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण का कहना है कि करीब 300 वर्गमीटर में बनी इस मस्जिद का निर्माण सरकारी जमीन पर बिना नक्शा पास कराए किया गया है.
जैन मंदिर छोड़, मुस्तफा मस्जिद के खिलाफ जारी नोटिस
इस मामले को लेकर मुस्तफा मस्जिद के इमाम मौलाना शाने अजहरी ने कहा कि उन्हें नोटिस मिला है, लेकिन इसकी पूरी जानकारी मस्जिद के प्रबंधक जीशान फरीद को है. मुस्तफा मस्जिद के खिलाफ प्रशासन के इस रवैये को लेकर मुस्लिम समाज ने सवाल खड़े कर दिए हैं. मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि मुस्तफा मस्जिद के नजदीक एक जैन मंदिर भी है, लेकिन प्रशासन की नजर सिर्फ मस्जिद पर है. लोगों ने प्रशासन पर जानबूझकर मुस्लिम समुदाय के मजहबी जगहों को निशाना बनाने का इल्जाम लगाया.
हिंदूवादी विकास त्यागी की शिकायत के बाद सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मौजूद मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन
गौरतलब है कि हाल ही में सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मौजूद ऐतिहासिक मस्जिद को अवैध बताते हुए प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया. साल 2025 में सहारनपुर के बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद को अवैध बताते हुए डीएम से शिकायत की थी. इस शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच की, जिसमें कथित तौर पर संबंधित मस्जिद अवैध पाई गई. प्रशासन ने मस्जिद के खिलाफ मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका दायर की. इसी कड़ी में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने संबंधित मस्जिद को अवैध बताते हुए हटाने का आदेश दिया और मस्जिद पक्ष से 30 दिनों के भीतर 6.41 करोड़ रुपए का हर्जाना वसूलने का आदेश दिया. कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बीते 5 सितंबर को सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मौजूद ऐतिहासिक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया.
