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‘NC पर मंडरा रहे संकट के बादल…’ आगा रुहुल्लाह के इस्तीफे पर BJP नेता रविंदर रैना की प्रतिक्रिया

Aga Ruhullah Mehdi Resignation: नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे के ऐलान से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. बीजेपी नेता रविंदर रैना ने इसे पार्टी के लिए बड़ा झटका बताया और अंदरूनी असंतोष पर सवाल उठाए. वहीं, पार्टी के नाराज विधायकों ने नेतृत्व और मंत्रिमंडल में बदलाव सहित चार मांगें रखी हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

Aga Ruhullah Mehdi Resignation: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर लोकसभा सीट से चुने गए नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्लाह मोहदी ने पार्टी और अपने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पहले ही यह ऐलान किया था कि वह आज (3 नवंबर) को अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे. नेशनल कॉन्फ्रेंस को आगा रुहुल्लाह के इस्तीफे से एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. वहीं, आगा रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे पर जम्मू-कश्मीर में भाजपा के वरिष्ठ नेता रविंदर रैना ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

जम्मू-कश्मीर में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रविंदर रैना ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “आगा रुहुल्लाह मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद (MP) के पद से इस्तीफा दे दिया है. वे तीन बार विधायक (MLA) रह चुके हैं और मंत्री भी रह चुके हैं. उनका इस्तीफा नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए एक बड़ा झटका है.” उन्होंने कहा कि रुहुल्लाह ने इस्तीफा दिया है, तो यह नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए खतरे की घंटी है.

उन्होंने कहा कि रुहुल्लाह बेहद तेज-तर्रार नेता हैं. रैना ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 विधायक अलग से गठबंधन बना रहे हैं और रुहुल्लाह ने जिस तरह का अंदाज अपनाया है, तो यह नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए खतरे का बादल मंडराने जैसा है. उन्होंने यह साफ किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर मची उथल-पुथल में भारतीय जनता पार्टी का कोई हाथ नहीं है. उन्होंने कहा कि यह फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के घर और पार्टी का मामला है. लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस पर खतरे का बादल मंडरा रहा है.

गौरतलब है कि हाल ही में नेशनल कॉन्फ्रेंस की अगुवाई वाली जम्मू-कश्मीर की सरकार ने अपने कैबिनेट का विस्तार किया है. इसके बाद पार्टी के अंदर फूट पड़ गई है. पार्टी के लगभग 25 विधायक अपने शीर्ष नेतृत्व से नाराज हैं और उन्होंने हाल ही में एक बैठक की थी और पार्टी के सामने अपनी मांगे रखी थी.

नाराज विधायकों के टोटल चार मांगें हैं. पहली मांग, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी को हटाया जाए. दूसरी मांग, उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी को हटाया जाए. तीसरी मांग, जिन मंत्रियों ने अपने पद पर दो साल पूरे कर लिए हैं, उन्हें हटाया जाए. चौथी मांग मंत्रिपरिषद का पूरी तरह से पुनर्गठन किया जाए.

 

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