Asaduddin Owaisi On China Infiltration: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इस्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों की घुसपैठ, कथित कब्जे, इलाकों के नाम बदलने के मुद्दों को बहुत लंबे समय से उठाया है. उन्होंने भारतीय सीमा और भारत के लिए चीन के खतरे को लेकर मोदी सरकार को लगातार अगाह भी किया है और सीमा पर चीनी सेना के घुसपैठ और कब्जे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार से सवाल भी किए हैं. इसी कड़ी में इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस के डायरेक्टर जनरल (DG) शत्रुजीत कपूर ने राजस्थान में अपने जवानों को संबोधित करते हुए भारत के मुकाबले चीन के आधुनिक हथियारों और अन्य चीजों का जिक्र किया. उन्होंने वर्तमान में दुनिया में चल रहे युद्धों और युद्ध के बदलते तरीकों का जिक्र किया.
शत्रुजीत कपूर ने कहा कि भारत के लिए चीन से परंपरागत तरीके से मुकाबला करना मुश्किल होगा, क्योंकि चीन अपने सेना को काफी आधुनिक कर लिया है. उन्होंने बदले युद्ध के तरीकों में ड्रोन के महत्व पर रोशनी डाली और आगे भारतीय सेना में ड्रोन शक्ति को बढ़ाने पर जोर दिया. इस बयान के बाद देश में एक बहस छिड़ चुकी है. इस बयान के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार को घेरा. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ पर मोदी सरकार से सवाल पूछा और इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट के साथ सदन में चर्चा की मांग की है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि चीन के साथ अरुणाचल सीमा पर स्थिति के बारे में ITBP के DG की पुष्टि बेहद चिंताजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश को इस बात से अंधेरे में रखने की पूरी कोशिश की है कि असल में क्या हुआ है. मैंने पहले भी यह मुद्दा उठाया था, लेकिन सरकार की ओर से मुझे कोई जवाब नहीं मिला. अब समझ आया कि क्यों.
उन्होंने आगे लिखा कि ITBP प्रमुख के बयान के बाद, हमें इस बात पर पूरी स्पष्टता चाहिए कि अरुणाचल में ऐसी कितनी जगहें हैं जहाँ चीनी सैनिक घुस आए हैं, उन्होंने हमारे गश्ती दलों और नागरिकों को रोका है, और वे वहाँ से जाने से इनकार कर रहे हैं. देश को यह भी जानना चाहिए कि यह सब कितने महीनों से चल रहा है, और इस दौरान सरकार चीन के साथ दोस्ताना बर्ताव क्यों कर रही थी? क्या मोदी सरकार भारतीय क्षेत्र की रक्षा और सुरक्षा करने में सक्षम भी है?
उन्होंने आगे लिखा कि सरकार का एक पैटर्न रहा है कि वह सीमा पर मौजूद असली हालात के बारे में लोगों को अंधेरे में रखती है. संसद में कोई चर्चा नहीं होती, कोई सवाल पूछने की इजाजत नहीं दी जाती, PM मोदी कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते; और जब उन्होंने कुछ कहा भी—जैसे जून 2020 में—तो दावा किया कि भारतीय क्षेत्र में कोई चीनी सैनिक नहीं हैं। जाहिर है, यह बात सच या तथ्यों पर आधारित नहीं थी.
