Palestine News: इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के हेब्रोन में बीते शुक्रवार (23 अक्टूबर) को दो बंदूकधारियों ने इजरायली बलों पर गोलीबारी की, जिसमें दो इजरायली सैनिक मारे गए और 6 अन्य घायल हो गए. वहीं, दोनों हमलावर भी मौके पर मार गिराए गए. इस हमले के बाद इजरायली सेना ने हेब्रोन में एक बड़ा कथित आतंकवाद-विरोध अभियान शुरू कर दिया है. हमले के बाद शुक्रवार को 70 फ़िलिस्तीनियों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. इस अभियान के दौरान सुरक्षा को खतरा बताकर फिलिस्तीनियों के घरों और अन्य ढाँचों को बुलडोजर से ध्वस्त कर रही है. वहीं, नेतन्याहू की सरकार ने वेस्ट बैंक में लॉकडाउन लगा दिया है.
इस अभियान के दौरान हेब्रोन में फिलिस्तीनियों को घरों से निकाला जा रहा है और उनसे पूछताछ की जा रही है. हेब्रोन के अल-जाल्दा और ऐन दीर बहाहा इलाकों में लगभग 300 परिवार जबरन अपने घरों से विस्थापित हो गए. इससे पहले साल 2025 में भी वेस्ट बैंक में इजरायली सेना द्वारा एक कथित आतंक विरोधी अभियान चलाया गया था, जिसमें हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा.
इस हमले के बाद इजरायल के कट्टरवादी नेता और फाइनेंस मिनिस्टर बेज़ालेल स्मोट्रिच, जो रक्षा मंत्रालय में भी एक पद पर हैं, ने वेस्ट बैंक में “बिल्कुल गाजा की तरह” बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाने की मांग की है. इजरायली मानवाधिकार समूह ‘बत्सेलेम’ (B’Tselem) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल दबाव डालने की अपील की है, ताकि इजरायल को “सामूहिक सजा देने की योजनाओं और ऐसे कार्यों को अंजाम देने से रोका जा सके, जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं.”
