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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर मास शूटिंग की कथित साजिश नाकाम, 19 वर्षीय व्हाइट सुप्रीमिस्ट गिरफ्तार; भारत ने जताई चिंता

Delhi News: अमेरिका में हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस को उसके पास से भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र करने वाला दस्तावेज मिला. भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

Delhi News: अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ मास शूटिंग (गोलीबारी) होने से पहले ही पुलिस ने एक 19 वर्षीय व्हाइट सुप्रीमिस्ट लेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को बीते 11 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया. जांचकर्ताओं को आरोपी लेक्जेंड्रोस पैपोराकिस के पास से आठ पन्नों का एक घोषणापत्र मिला, जिसमें उसने अपने विचार व्यक्त किए थे और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात कही गई थी. पैलेटाइन पुलिस के मुताबिक 11 अक्टूबर को हमले की योजना बनाई थी, जिसमें संभवतः ऑरोरा में स्थित हिंदुओं के किसी पूजा स्थल को निशाना बनाया जाना था.

भारतीय मूल के नागरिकों के खिलाफ अमेरिका समेत पश्चिमी देशों में नफरत बढ़ता जा रहा है. इस घटना के बाद अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की “समय पर की गई कार्रवाई” की तारीफ की. उन्होंने ‘एक्स (पहले ट्विटर)’ पर कहा, “हम भारतीय समुदाय के लोगों के संपर्क में हैं और घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं.” भारतीय मूल के कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि वह इस मास शूटिंग (गोलीबारी) की साजिश के बारे में जानकर “स्तब्ध” हैं और उन्होंने उन लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने अधिकारियों को सतर्क किया.

वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम अमेरिका के इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की कथित साजिश की खबरों से बेहद चिंतित हैं. इस कथित साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वरूप, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख भी है, विशेष रूप से परेशान करने वाला है. हमने संदिग्ध की गिरफ्तारी, हिरासत और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों सहित अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई पर ध्यान दिया है. यह घटना अमेरिका में बढ़ती नस्लवादी शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत को लेकर हमारी चिंताओं को और बढ़ाती है. भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिक सतर्कता, नफरत से प्रेरित हिंसा के प्रति शून्य सहिष्णुता और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है. हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की गहन जांच करेंगे, जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे.”

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गौरतलब है कि पुलिस को आरोपी लेक्जेंड्रोस पैपोराकिस के मास शूटिंग की प्लानिंग की जानकारी तब हुई, जब एक व्यक्ति ने आरोपी लेक्जेंड्रोस पैपोराकिस के कुछ चिंताजनक संदेशों के बारे में पुलिस को सूचित किया. पुलिस ने बताया कि उसने एक ऐसा दस्तावेज़ साझा किया था जिसमें गोलीबारी की योजना का विवरण था. इसके साथ ही उसने एक राइफल, मैगज़ीन, बॉडी आर्मर (सुरक्षा कवच) और अन्य सामरिक उपकरणों की तस्वीरें भी भेजी थीं.

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