Jamaat-e-Islami Hyderabad: जमात-ए-इ्स्लामी हिंद हैदराबाद ने अलग-अलग समुदायों के बीच की दूरियों को कम करने और डायलॉग को कायम रखने की मकसद से एक तीन दिवसीय ‘एक्सप्लोर सेमिनार’ का आयोजन किया. इस आयोजन में अलग-अलग धर्म के धर्मावलंबी, मजहबी रहनुमा समेत आम लोग शामिल हुए. आज 2 अक्टूबर को इस ‘एक्सप्लोर सेमिनार’ का आखिरी दिन है. इस आयोजन की मदद से मिसइनफॉर्मेशन, नफरत को काउंटर करना, समुदायों के बीच समरसता लाना है. जमात-ए-इस्लामी हिंद हैदराबाद के शहर अध्यक्ष, मुहम्मद मुबशिर अहमद ने बताया कि आज इस आयोजन का आखिरी दिन है. उन्होंने कहा कि आज आयोजन का आखिरी दिन है, इसलिए कनक्लूडिंग सेशन होगा, जिसमें मुख्तलिफ एक्टिविस्ट आएंगे और कनक्लूडिंग पैगाम देंगे.
जमात-ए-इस्लामी हिंद हैदराबाद के शहर अध्यक्ष, मुहम्मद मुबशिर अहमद ने इस आयोजन को लेकर जानकारी दी है. उन्होंने कहा, “आज जमात-ए-इस्लामी हिंद, हैदराबाद द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘एक्सप्लोर सेमिनार’ का तीसरा और आखिरी दिन है. कल, दूसरे दिन, एक ‘इंटर-फेथ’ (सर्व-धर्म) सत्र आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न समुदायों के नेता, धर्मगुरु और आध्यात्मिक मार्गदर्शक शामिल हुए. इसमें चिलकुर बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी, बौद्ध धर्म के प्रतिनिधि और विभिन्न ईसाई संप्रदायों के लोग मौजूद थे.”
मुहम्मद मुबशिर अहमद ने आयोजन में शामिल धर्मावलंबियों के संदेश के बारे में बताया, “उनका मुख्य संदेश यह था कि धर्म इंसानों के बीच प्रेम को बढ़ावा देते हैं. अगर लोगों के बीच नफरत बढ़ती है, तो यह धर्म की शिक्षा नहीं है; जिन जगहों पर नफरत सिखाई जाती है, वे धर्म की शिक्षाओं के खिलाफ काम कर रही हैं. इसलिए, उस सत्र का मुख्य संदेश यह था कि सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे को समझें और आपस में प्रेम का संदेश फैलाएं.”
