Homeस्पोर्ट्सजामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र ने प्रतिष्ठित GO4Youth 2025 पुरस्कार जीता

जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र ने प्रतिष्ठित GO4Youth 2025 पुरस्कार जीता

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी में एम.टेक कर रहे स्नातकोत्तर के विद्यार्थी मो. शहबाज़ आलम को ग्रीन ओलंपियाड फॉर यूथ (GO4Youth )-2025 पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी में एम.टेक कर रहे स्नातकोत्तर के विद्यार्थी मो. शहबाज़ आलम को ग्रीन ओलंपियाड फॉर यूथ (GO4Youth )-2025 पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह पुरस्कार द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) द्वारा यूजीसी (UGC), पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MOEFCC) और शिक्षा मंत्रालय (MOE), भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जाता है. यह सम्मान उन छात्रों को दिया जाता है जो स्थायित्व और पर्यावरणीय नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं.

बिहार के बेगूसराय से ताल्लुक रखने वाले मो. शहबाज़ आलम सम्मानित

पृथ्वी दिवस 2025 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर, सिल्वर ओक में एक हाइब्रिड सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां 2024-25 परियोजना चक्र में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले युवाओं के योगदान को सराहा गया. इस कार्यक्रम में बिहार के बेगूसराय से ताल्लुक रखने वाले मो. शहबाज़ आलम को परियोजना चक्र के दौरान उनकी असाधारण प्रतिबद्धता और नई खोजों पर कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया.

शहबाज़ की यह उपलब्धि जामिया मिलिया इस्लामिया के उस संकल्प को दर्शाती है जो वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत शोध और व्यावहारिक सतत प्रथाओं के माध्यम से प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता है. इस समारोह में वर्चुअल और ऑफलाइन दर्शकों की उपस्थिति ने इस बात को रेखांकित किया कि पृथ्वी की भलाई के लिए भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है.

TERI की प्रमुख पहल, Go4Youth ओलंपियाड, प्रतिभागियों का मूल्यांकन पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके ज्ञान, योग्यता और समर्पण के आधार पर करती है. शहबाज़ की जीत हरित ऊर्जा विज्ञान में उनकी विशेषज्ञता और जलवायु सहनशीलता तथा हरित विकास के भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ उनकी प्रतिभा को उजागर करती है.

शहबाज़ आलम ने क्या कहा?

पुरस्कार प्राप्त करने वाले मो. शहबाज़ आलम ने कहा कि यह पुरस्कार मेरे माता-पिता और प्रोफेसरों के अथक समर्थन और जामिया मिलिया इस्लामिया द्वारा प्रदान किए गए अवसरों का प्रमाण है. बिहार के बेगूसराय में पले-बढ़े होने के नाते, मैंने पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रभावों को सीधे देखा है. मेरा लक्ष्य ग्रामीण समुदायों के लिए सुलभ स्वच्छ ऊर्जा समाधान बनाने हेतु प्रौद्योगिकी का उपयोग करना है.

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