K Annamalai Criticizes BJP: कॉकरोच जनता पार्टी के नेता और समर्थक स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों और धांधली को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया. साथ ही CJP नेताओं को FIR, हिरासत, बॉन्ड और कई पाबंदियां झेलनी पड़ रही है. CJP नेताओं पर केंद्र सरकार द्वारा की गई सख्त कार्रवाई को लेकर तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने आलोचना की है. वहीं, इस आलोचना को लेकर BJP ने के. अन्नामलाई पर हमला बोला है. बीजेपी ने अन्नामलाई पर आरोप लगाया है कि पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने SIR (मतदाता सूची संशोधन) को लेकर अपना रुख बदल लिया है.
के. अन्नामलाई CJP के विरोध प्रदर्शन करने के तरीकों से सहमत नहीं है, लेकिन उन्होंने CJP के विरोध करने और सरकार से जवाब मांगने के अधिकारों का समर्थन किया है. साथ ही उन्होंने बीजेपी सरकार की उस प्रवृत्ति की भी आलोचना की, जिसके तहत वे अपने खिलाफ होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को ‘राष्ट्र-विरोधी’ या ‘विदेशी फंडिंग से चलने वाला’ करार दे देते हैं. उन्होंने कहा, “विदेशों में मौजूद भारत के सभी दूतावासों के पास ऐसे पर्याप्त लोग हैं जो किसी भी ऐसे भारतीय नागरिक पर नज़र रख सकें, जो विदेशी दुश्मनों के साथ मिला हुआ हो. सच कहूं तो, केंद्र सरकार के खिलाफ होने वाले हर विरोध-प्रदर्शन और बयान को ‘राष्ट्र-विरोधी’ या ‘बाहरी ताकतों द्वारा प्रायोजित’ बताना अब काफी थकाऊ और उबाऊ हो गया है.”
उन्होंने कहा, “जब से मैंने NEET परीक्षा के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए कहा है, तब से मुझ पर लगातार हमले हो रहे हैं. लेकिन मैंने इन पर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि मुझे लगा कि तमिलनाडु के ज़मीनी मुद्दों पर ध्यान देना ज़्यादा ज़रूरी है. एक तरह से, मुझे इसमें मज़ा भी आया, क्योंकि इससे मेरे ऊपर लगा ‘BJP की B-टीम’ होने का ठप्पा जल्दी हट जाएगा और यह साबित हो जाएगा कि मुझे तमिलनाडु में एक ‘धुरंधर’ के तौर पर भेजा गया है.”
उन्होंने नरेंद्र मोदी (जो उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे) के साल 2011 के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें मोदी ने दिल्ली में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई की आलोचना की थी. के. अन्नामलाई मोदी के उस बयान की तारीफ की और कहा कि मोदी का उस समय पर बोलना सही था, लेकिन आज जब मौजूदा सरकार के कामकाज पर इसी तरह सवाल उठाए जा रहे हैं, तो उन पर हमले क्यों किए जा रहे हैं?
अन्नामलाई ने सवाल किया, “दिल्ली पुलिस के ACP उस मामले की सुनवाई कर रहे हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस ही आरोपी CJP के खिलाफ शिकायतकर्ता है. अब आप समझ ही सकते हैं कि मामला किस दिशा में जाएगा. 19 अक्टूबर को, स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (जो असल में दिल्ली पुलिस के ACP हैं) 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर से गिरफ्तार किए गए लोगों की ज़मानत सुनवाई में जानबूझकर देरी से क्यों पहुंचे? और फिर उन्होंने यह कहकर खुद को सुनवाई से अलग क्यों कर लिया कि उन्हें अपनी जान का खतरा है? क्या यह कोई मज़ाक है?” उन्होंने यह भी पूछा कि आठ ज़मानतदारों (sureties) को क्यों खारिज कर दिया गया, और ज़मानत देने आए व्यक्ति से स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने जिरह क्यों की?
“क्या दिल्ली पुलिस द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल पर कोई कार्रवाई की गई? या उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया, जिन्होंने NEET विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के मामले में ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) का उल्लंघन किया था?”
