AISA President Neha Bora: ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (AISA) की अध्यक्ष और छात्र नेता नेहा बोरा स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के एक नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई है. नोटिस में नेहा बोरा को सोमवार को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने और “जांच के दौरान शांति बनाए रखने” के लिए 10,000 रुपये का निजी बॉन्ड (पर्सनल बॉन्ड) और एक ज़मानत (श्योरिटी) देने का निर्देश दिया गया था. नेहा बोरा ने इस नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है.
स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने शनिवार को यह नोटिस जारी किया, जिसमें उनसे अपने खिलाफ चल रही जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए एक बॉन्ड भरने को कहा गया है. वहीं, इस कार्रवाई को लेकर नेहा बोरा का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई उनके मौलिक अधिकारों—जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, इकट्ठा होने की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता—का उल्लंघन करती है.
दरअसल, बीते शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को मंडी हाउस से प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ले लिया, जिसके बाद नेहा को शनिवार की सुबह रिहा किया गया. साथ ही स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने शनिवार को ही नेहा बोरा के खिलाफ नोटिस जारी किया. इस नोटिस में ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ की धारा 126 और धारा 130 (धारा 135(3) के साथ) का हवाला दिया गया है. इन प्रावधानों के तहत, एक मजिस्ट्रेट किसी व्यक्ति से यह कारण बताने के लिए कह सकता है कि उससे सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड क्यों न भरवाया जाए.
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रियाओं में गड़बड़ी के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी, विपक्षी दल, ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ समेत दीगर छात्र संघों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इस बीच नेहार बोरा ने बीते शुक्रवार शाम 5 बजे मंडी हाउस में एक शांतिपूर्ण सभा का आह्वान किया था, और वहीं से उन्हें हिरासत में लिया गया. नेहा ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले किसी अज्ञात जगह ले जाया गया और बाद में आरके पुरम पुलिस स्टेशन ले जाया गया। बोरा को रात भर पुलिस स्टेशन में रखा गया और अगले दिन सुबह 6 बजे रिहा किया गया.
