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नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ प्रदर्शन हुआ हिंसक.. 18 की मौत, 250 से अधिक घायल

विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व Gen Z से जुड़े छात्रों ने किया. हजारों की संख्या में युवा राष्ट्रध्वज और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए. उन तख्तियों में 'भ्रष्टाचार बंद करो, सोशल मीडिया नहीं', सोशल मीडिया पर से बैन हटाओ' नारे लिखे थे.

Nepal Social Media Ban Protest: नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 250 से अधिक लोग घायल हो गए. प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया.

नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, प्रदर्शन में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

क्यों हो रहा है विरोध?

बता दें कि यह हिंसक प्रदर्शन सरकार द्वारा बीते शुक्रवार को सोशल मीडिया पर बैन के फैसले के बाद भड़के हैं. नेपाल सरकार ने फेसबुक, यूट्यूब और एक्स (पूर्व में ट्विटर) समेत 26 अनरजिस्टर्ड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया है.

सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी आईडी के जरिए नफरत फैलाने वाली बातें, फेक न्यूज और धोखाधड़ी की जा रही थी. इन्हीं चिंताओं के चलते इन साइट्स को ब्लॉक किया गया है.

हालांकि, इस फैसले को लेकर युवाओं और नागरिक संगठनों में भारी नाराजगी है. वे इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं.

युवाओं ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

सरकार के इस कदम के बाद युवाओं में जबरदस्त गुस्सा भड़क उठा. उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की सरकार ने विरोध की आवाज को दबाने के लिए सोशल मीडिया बैन का सहारा लिया है. वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.

रिपोर्टों के मुताबिक, इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व Gen Z (जनरेशन Z) से जुड़े छात्रों ने किया. हजारों की संख्या में युवा राष्ट्रध्वज और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए. उन तख्तियों में ‘भ्रष्टाचार बंद करो, सोशल मीडिया नहीं’, सोशल मीडिया पर से बैन हटाओ’ नारे लिखे थे.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया उनके विचार रखने और सरकार से सवाल पूछने का मंच है, जिसे बंद करना लोकतंत्र के खिलाफ है.

प्रदर्शन कैसे हुआ हिंसक?

बता दें कि झड़पें उस वक्त शुरू हुईं जब, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद परिसर में घुसने की कोशिश की. हालात हाथ से बाहर होता देख सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया.इस टकराव में कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुछ सुरक्षाकर्मी भी चोटिल हुए हैं.

वहीं हालात को देखते हुए राजधानी काठमांडू में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कुछ इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए गए हैं.

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