अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) की यात्रा
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम। नबी (सल्ल.) 8 वर्ष की आयु में अपने चाचा अबू तालिब के साथ व्यापारिक क़ाफ़िले में शामिल होकर सीरिया...
سبق پھر پڑھ صداقت کا، عدالت کا، شجاعت کا
لیا جائے گا تجھ سے کام دنیا کی امامت کا
सबक़ फिर पढ़ सदाक़त का, अदालत का, शुजाअत का
लिया जाएगा तुझ से काम दुनिया की इमामत का
sabaq phir padh sadaqat ka, adaalat...
इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) का बचपन
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।
माँ और दादा के मरने के बाद आप (सल्ल.) के चचा अबू तालिब ने आपको लगभग आठ वर्ष की आयु...
अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) की माँ और दादा की मौत
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबका स्वागत है।
नबी (सल्ल.) के जीवन का एक और पहलू आपके सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। जैसा कि आप...
ہزاروں سال نرگِس اپنی بے نوری پہ روتی ہے
بڑی مشکل سے ہوتا ہے چمن میں دیٖدہ وَر پیدا
हज़ारों साल नरगिस अपनी बे नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा वर पैदा
hazaaron saal nargis apni be...
हज़रत मुहम्मद (सल्ल.): माँ आमिना की गोद से दाई हलीमा की गोद तक
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।
आज की छोटी-सी तक़रीर का शीर्षक है—‘हज़रत मुहम्मद (सल्ल.): माँ आमिना की गोद से दाई हलीमा...
مسلماں کو مسلماں کر دیا طوفانِ مغرب نے
تلاطُم ہائے دریا ہی سے ہے گَوہر کی سیرابی
मुसल्मा को मुसल्मा कर दीया तूफान मग़रिब ने
तलातुम हाये दरिया ही से है गौहर की सैराबी
musalman ko musalman kar diya tufaan-e-maghrib ne
talatum haye dariya...
हज़रत मुहम्मद (सल्ल.): दाई हलीमा के घर से वापस माँ आमिना के पास
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।
नबी (सल्ल.) दूध पिलाने वाली माँ दाई हलीमा के पास लगभग दो वर्ष रहे। दो...
یہ گھڑی مَحشَر کی ہے تو عرصٔہ محشر میں ہے
پیش کر غافل عمل کوئی اگر دفتر میں ہے
यह घड़ी महशर की है तू अर्से मशहर में है
पेश कर ग़ाफ़िल अमल कोई अगर दफ्तर में है
yeh gahdi mehshar ki hai...
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
(अल्लाह दयावान, कृपाशील के नाम से)
प्रिय दर्शको, आप सबको मेरा प्यार भरा सलाम।
तमाम नबियों के समापक हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (सल्ल.) आज से लगभग साढ़े चौदह सौ वर्ष पहले पैदा हुए। हज़रत ईसा (अलैहि.) के 570 वर्ष के बाद, 12...