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राजस्थान: झालावाड़ में बीफ खाने और बांग्लादेशी होने का आरोप लगाते हुए बुजुर्ग को बेरहमी से पीटा, देखें वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आठ से दस युवा बुजुर्ग व्यक्ति पर हमला कर रहे हैं. उन्हें बेरहमी से पैर से लात मारते हुए पीट रहे हैं.

Rajasthan News: सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक बुजुर्ग को बेरहमी से पीटा जा रहा है. वायरल वीडियो बीजेपी शासित प्रदेश राजस्थान के झालावाड़ जिले के अकलेरा कस्बे का बताया जा रहा है. आरोप है कि बीफ खाने, रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठिया बताते हुए उनपर बेरहमी से हमला किया गया. आईए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.

जमीन में घसीटते हुए बेरहमी से पीटा

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आठ से दस युवा बुजुर्ग व्यक्ति पर हमला कर रहे हैं. उन्हें बेरहमी से पैर से लात मारते हुए पीट रहे हैं. युवकों की भीड़ बुजुर्ग व्यक्ति को जमीन में घसीटते हुए बेरहमी से पीट रही है. साथ ही गाली देते हुए भी सुना जा सकता है.

वीडियो में देखा जा सकता है कि बुजुर्ग और लाचार व्यक्ति युवकों से कुछ कहने की कोशिश कर रहा है, पर वो कुछ सुनने की बजाय पीटते ही जा रहे हैं.

RJD ने कहा, बीजेपी शासित राज्यों में ये आम बात

झारखंड की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उपाध्यक्ष अनीता यादव ने इस घटना की वीडियो शेयर करते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ये आम बात हो गई है. उन्होंने कहा कि इतनी जाने जा रही हैं मॉब लिंचिंग के कारण पर ना तो केन्द्र सरकार ना ही राज्य सरकार इस पर कठोर कार्रवाई कर रही है.

RJD नेता अनीता ने आगे कहा कि पहले भी मॉब लिंचिंग के कारण एक गायक की जान चली गई थी, पर सरकार को कोई परवाह नहीं है.

अनीता यादव ने कहा कि ये घटना राजस्थान के झालावाड़ के अकलेरा की है. राष्ट्रवादी ग्रुप ने कथित तौर पर बीफ खाने के आरोप में एक बुजुर्ग आदमी को बेरहमी से पीटा. उन्होंने उस पर रोहिंग्या बांग्लादेशी होने का भी आरोप लगाया. ये सारे जानवर एक इंसान को जानवरों की तरह मार रहे हैं.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस सेवादल ने कहा ये खुली हिंसा है

वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस सेवादल ने इस घटान पर कहा कि मॉब लिंचिंग पर सरकार की चुप्पी जानलेवा बन चुकी है. राजस्थान के अकलेरा, झालावाड़ में कथित बीफ खाने के आरोप में एक बुज़ुर्ग की पीट-पीटकर हत्या. एंजेल चकमा जैसे कई नाम, लेकिन कोई जवाबदेही नहीं. ये राष्ट्रवाद नहीं, खुली हिंसा है.

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