राजस्थान: दंगा प्रभावित करौली में कर्फ्यू जारी, 46 गिरफ्तार, 21 वाहन जब्त

जयपुर: राजस्थान के करौली में दो अप्रैल को हुए दंगे के दौरान कर्फ्यू जारी रहने और इंटरनेट बंद रहने के बावजूद राजस्थान पुलिस ने 46 लोगों को गिरफ्तार किया है और 7 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि 21 वाहनों को जब्त किया है.

भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्ना कुमार खमेसरा ने सोमवार को गिरफ्तारी की पुष्टि की.

उन्होंने बताया कि शनिवार को फुटा कोट क्षेत्र मैं बाजार करौली में जुलूस के दौरान पथराव के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 46 लोगों को गिरफ्तार किया और 7 लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है.

खमसेरा ने कहा, पुलिस थाना करौली में दर्ज घटना के संबंध में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 33 लोगों को कर्फ्यू आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. 7 लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है. इस दौरान पुलिस ने कुल 21 दोपहिया और 4 पहिया वाहन भी जब्त कर लिया है.

उन्होंने कहा कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वह अपनी टीम के साथ तत्काल करौली पहुंचे और पुलिस अधीक्षक करौली शैलेंद्र सिंह इंदोलिया के साथ स्थिति का जायजा लिया.

उन्होंने आगे कहा, हमने रेंज के अन्य जिलों से आवश्यक पुलिस बल और आरएसी को बुलाया और उन्हें शांति व्यवस्था के लिए मौके पर लगाया गया है.

कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को करौली भेजा गया और ये सभी अधिकारी जिला मुख्यालय करौली में तैनात हैं.

आईजी खमेसरा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में पुलिस गश्त लगा कर स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है. पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च भी किया. आईजी ने कहा, अभी स्थिति नियंत्रण में है लेकिन एहतियात के तौर पर शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

शनिवार को हिंदू नव वर्ष दिवस के मौके पर निकाले जा रहे जुलूस पर पथराव किया गया, जिसके बाद दो गुट आमने-सामने आ गए. इस घटना में कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया.

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शनिवार (2 अप्रैल) को कर्फ्यू लगा दिया गया और एहतियात के तौर पर इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है.

वहीं, करौली हिंसा पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया है कि ‘आज देश में सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी की है तो प्राइम मिनिस्टर की है, अमित शाह जी की है कि वो देश में शांति स्थापित करने की अपील करें, वो कहें कि हम हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे.’

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री जी को चाहिए आगे आकर देश को सम्बोधित करें. हिंसा को कंडेम करें. चाहे वो हिंसा किसी भी पक्ष के द्वारा हो. देश में कानून का राज स्थापित रहे. कोई भी धर्म का आदमी हो यदि वो एंटी सोशल एलिमेंट है उसे सजा मिलनी ही चाहिए, कानून का राज रहेगा तभी लोग सुरक्षित रहेंगे.’

उन्होंने कहा कि ये लोग आग लगाने के लिए आते हैं. पूरे देश में आग लगा रहे हैं. आए आग लग गयी. ये ऐसा माहौल बना रहे हैं, संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लोकतंत्र में इनका यकीन नहीं है, देश के अंदर हिन्दू-मुस्लिम कर दिया है.’

(आईएएनएस से इनपुट के साथ)

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