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चुनाव आयोग के तुगलकी फरमानों के खिलाफ INDIA गठबंधन का बिहार बंद सफल: डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी

डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि ने कहा कि दो तीन- महीने पहले नरेंद्र मोदी के दवाब में और बीजेपी के इशारे में जानबूझ कर SIR प्रक्रिया के तहत पिछड़े समुदाय और गरीब लोगों को वोटर लिस्ट से हटाना चाहते हैं.

Darbangha: दरभंगा ज़िले में INDIA गठबंधन द्वारा 9 जुलाई को आयोजित बिहार बंद अभूतपूर्व जनसमर्थन और जनभागीदारी के साथ पूरी तरह सफल रहा. लोकतंत्र की रक्षा और चुनाव आयोग द्वारा थोपे जा रहे SIR कार्यक्रम के खिलाफ यह आंदोलन न सिर्फ जनता की आवाज बना, बल्कि यह एक बड़ा संदेश भी था कि अब संविधान से छेड़छाड़ और बहुजन विरोधी साजिशें बर्दाश्त नहीं होंगी.
‘हम पूरी तरह से क्रांति के रास्ते पर’
कांग्रेस नेता और जाले विधानसभा से महागठबंधन के प्रत्याशी डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि सुबह सबसे पहले दरभंगा रेलवे स्टेशन पर “संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस” को रोक कर यह स्पष्ट कर दिया गया कि हम पूरी तरह से क्रांति के रास्ते पर हैं, लेकिन संविधान के दायरे में रहकर. यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक था, लेकिन उसका संदेश बहुत गहरा था.
इसके पश्चात दरभंगा शहर के खानकाह चौक, बेंता चौक, लहेरियासराय, और नया टोल प्लाजा सहित दर्जनों क्षेत्रों में चक्का जाम किया गया. सैकड़ों की संख्या में युवाओं, किसानों, मजदूरों और छात्र-छात्राओं ने इस जन आंदोलन में हिस्सा लिया.
‘चुनाव आयोग की साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे’
डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि विशेष रूप से जाले विधानसभा क्षेत्र में आंदोलन ऐतिहासिक रहा. मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह से जाम कर स्थानीय जनता ने यह साफ कर दिया कि वे चुनाव आयोग की मनमानी, और पिछड़े, दलित, गरीब लोगो को मतदाता सूची से बाहर करने की इस खतरनाक साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
कांग्रेस नेता डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि ने कहा कि हम मानते हैं कि SIR (Systematic Investigation of Roll) नामक यह प्रक्रिया केवल एक तकनीकी कवायद नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी राजनीतिक चाल है. यह उन समुदायों को हाशिए पर डालने की कोशिश है, जो दशकों से इस देश के लोकतंत्र की रीढ़ रहे हैं.
‘जनता अब जाग चुकी है’
आगे कहा कि बिहार बंद यह दिखाता है कि जनता अब जाग चुकी है.  INDIA गठबंधन के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को सच्चाई से रूबरू करा रहे हैं और जनता अब सवाल पूछ रही है कि क्यों अचानक वोटर लिस्ट से नाम गायब हो रहे हैं? क्यों सिर्फ एक खास वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है? साथ ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
‘SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकी जाए’
उन्होंने आगे कहा कि हम चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि वह SIR प्रक्रिया को तुरंत रोके, और पारदर्शिता बनाए रखे. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम संघर्ष और तेज करेंगे.
डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि हमारा संघर्ष संविधान के लिए है, लोकतंत्र के लिए है, और हर उस व्यक्ति के अधिकार के लिए है, जिसे यह सत्ता छीनना चाहती है. हम इस आंदोलन में शामिल सभी साथियों, जनता, और पत्रकार बंधुओं का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने लोकतंत्र की इस लड़ाई को मजबूती दी.
डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा
इस दौरान डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि ने कहा कि दो तीन- महीने पहले नरेंद्र मोदी के दवाब में और बीजेपी के इशारे में जानबूझ कर SIR प्रक्रिया के तहत पिछड़े समुदाय और गरीब लोगों को वोटर लिस्ट से हटाना चाहते हैं. इसलिए INDIA गठबंधन के तमाम दल के नेता इस प्रकिया के खिलाफ आंदोलन में एक साथ हैं.

 

‘नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए’

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग कह रहा है कि आपका आधार और राशन कार्ड वैलिड नहीं है और 2024 में जो चुनाव हुआ उसमें कुछ गड़बड़ी है. तो सबसे पहली बात यह है 2024 के चुनाव से ही नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं. इस हिसाब यदि वोटर लिस्ट ठीक नहीं है तो नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री मंत्री कैसे सही है. इसलिए सबसे पहले नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए.

डॉ. मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा कि इससे पहले आप हर चीज में आधार कार्ड को लिंक कर रहे थे और अब कह रहे हैं कि आधार का कोई आधार नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि यदि हमारे आधार का कोई आधार नहीं हैं तो नरेंद्र मोदी आपका भी कोई आधार नहीं हैं.

उन्होंने बीजेपी की केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आपलोग चुनाव आयोग पर दवाब बनाना बंद कीजिए. हमलोग चुनाव आयोग को मुक्त करने के लिए इस प्रदर्शन को कर रहे हैं.

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