Uttar Pradesh: देशभर में बीतें कुछ समय से मुसलमानों के घरों, इबादतगाहों और मदरसों को अवैध बताते हुए कार्रवाई की जा रही है. ऐसी घटनाएं बीजेपी शासित प्रेदशों से ज्यादा सामने आ रही है. हर दिन देश के किसी ना किसी इलाके से खबर से आती है कि मुसलमानों के घर, दुकानों या फिर इबदगाहों पर बुलडोजर चलाया गया है. ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से सामने आया है. यहां स्थित 105 साल पुरानी मजार को प्रशासन ने तोड़ दिया. आईए जानते हैं कि पूरी मामला क्या है..
यह है पूरा मामला
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर का है. यहां 105 साल पुरानी फागू शाह की मजार को सरकारी जमीन पर स्थित होने का हवाला देते हुए इसे बुलडोजर से तोड़ दिया गया. मजार को ध्वस्त करते समय भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही. इस मजार पर हर गुरूवार को मेला लगता था, जिसमें सभी समुदाय के लोग आते थे.
लोकेशन : सिद्धार्थनगर,उत्तर प्रदेश
105 साल पुरानी मज़ार को सरकारी ज़मीन पर होने का हवाला देते हुए बुलडोज़र से ढहा दिया गया आक्रोश उस समय फैल गया जब पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह ने इस मज़ार पर धार्मिक दुरुपयोग और धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। pic.twitter.com/vQVdxemQYX
— The Muslim (@TheMuslim786) July 17, 2025
बीजेपी के पूर्व विधायक ने की थी शिकायत
बता दें कि बीजेपी के पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह ने फागू शाह की मजार को को लेकर प्रशासन से शिकायत की थी. मजार को तोड़े जाने के बाद राघवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इस मजार के ध्वस्तीकरण के बाद मौलाना और मौलवियों के पाखंड से यहां के लोगों को छुटकारा मिल गया. उन्होंने कहा कि मजार की आड़ में यहां बहुत से गलत काम होते थे.
प्रशासन ने क्या कहा?
वहीं इस मामले पर सिद्धार्थनगर के डीएम डॉ राजा गणपति आर ने बताया कि यह थाना डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के चौखड़ा गांव का मामला है, जहां 105 साल पुरानी एक मजार थी. ये पशुचर की जमीन पर स्थित है. इसको लेकर पहले एक विवाद हुआ था. इस विवाद को सुलझाने के लिए धारा 144 की कार्रवाई की गई थी. इसके बाद चारागाह की जमीन होने के कारण तहसीलदार के द्वारा धारा- 67 की कार्रवाई की गई.
कुछ ही घंटों में मजार को पूरी तरह ध्वस्त
डीएम डॉ राजा गणपति आर ने आगे कहा कि इस कार्रवाई के बाद आदेश भी पारित किया गया था. इसके बावजूद जमीन कब्जा मुक्त नहीं की गई. ऐसे में पीएसी व पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर और बल का उपयोग करते हुए उसे कब्जा मुक्त कराया गया. ला एंड आर्डर की समस्या नहीं है, स्थिति सामान्य है. उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान किसी प्रकार का विरोध नही हुआ. कुछ ही घंटों में मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया.

