Delhi High Court On Tablighi Jamaat: दिल्ली हाईकोर्ट ने आज यानी कि गुरूवार, 17 जुलाई को तब्लीगी जमात के लोगों को बड़ी राहत दी. हाईकोर्ट ने कोविड- 19 के दौरान तब्लीगी जमात के लोगों पर लगे आरोपों के खारिज कर दिया. आईए जानते हैं पूरा मामला क्या है..
यह है पूरा मामला
दरअसल, साल 2020 में कोविड महामारी के दौरान विदेशी तब्लीगी जमात के सदस्यों को शरण देने के आरोप में 70 भारतीयों के खिलाफ 16 एफआईआर दर्ज किए गए थे. तबलीगी जमात के इन 70 लोगों पर कथित रूप से विदेश से आए तबलीगी जमात के 190 लोगों को शरण देने का आरोप था.
इस मामले पर बीते 24 अप्रैल को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज इस मामले पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए दर्ज 16 मामलों को खारिज कर दिया.
हिंदू संगठन के लोगों ने लगाया था आरोप
बता दें कि कोविड- 19 माहामारी को देश में फैलाने के लिए हिंदू संगठनों और दक्षिणपंथी नेताओं ने तब्लीगी जमात के लोगों के जिम्मेदार ठहाराया था. साथ ही उस दौरान हिंदू संगठन के लोगों ने तब्लीगी जमात पर कई तरह के आरोप भी लगाने शुरू कर दिए थे.
दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया था FIR
इन आरोपों के बाद इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी के तहत महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और विदेशी अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन करने के मामला दर्ज किया था. दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने लॉकडाउन के दौरान सरकारी आदेशों की अवहेलना करते हुए विदेशी नागरिकों को अपने घरों में ठहराया जो नियमों के खिलाफ था.
एफआईआर दर्ज होने के बाद वकील आशिमा मंडला ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कोर्ट से मांग की थी कि इस मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए.
तब्लीगी जमात क्या है?
तब्लीगी जमात दुनिया के कई देशों में काम करती है. यह मुसलानों को सही तौर- तरीके और नमाज पढ़ने की हिदायत देती है. जमात मुसलमानों को दीन के बताए हुए रास्तों पर चलने के लिए दावत देने का काम करती है.

