Homeधर्ममुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट केस: SC द्वारा HC के फैसले पर रोक...

मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट केस: SC द्वारा HC के फैसले पर रोक लगाने पर ओवैसी ने कहा- ‘BJP सरकार ने आरोपियों का धर्म देखकर अपील की’

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मक्का मस्जिद में 2008 में बलास्ट हुआ था. इस घटना में 8- 10 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में अपील क्यों नहीं की. आप अजमेर बलास्ट के मामले में अपील नहीं करते हैं.

Mumbai Serial Local Train Blasts 2006: सुप्रीम कोर्ट ने 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी. बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीते 21 जुलाई को 2006 मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में सभी 12 मुस्लिम आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने और महाराष्ट्र सरकार के अपील करने पर AIMIM प्रमुख और सासंद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जब वह (मुस्लिम आरोपी) पूरी तरह से बेकसूर हैं तो यह अपील क्यों की.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से पूछना चाहता हूं कि जब वह (मुस्लिम आरोपी) पूरी तरह से बेकसूर हैं तो आपने यह अपील क्यों की.

बीजेपी सरकार से पूछा सवाल

ओवैसी ने कहा कि हम बीजेपी और केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से पूछना चाह रहे हैं कि अगर मालेगांव विस्फोट के आरोपी जिस पर फैसला सुरक्षित है. और अगर वह आरोपी बरी हो जाते हैं, तो क्या आप अपील करेंगे?

‘मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में अपील क्यों नहीं की?’

ओवैसी ने आगे कहा कि मक्का मस्जिद में 2008 में बलास्ट हुआ था. इस घटना में 8- 10 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले आपने अपील क्यों नहीं की. आप अजमेर बलास्ट के मामले में अपील नहीं करते हैं. सराकर को आतंकवाद को रोकना चाहिए. मगर सरकार आरोपी के धर्म देखकर अपील करेगी तो आतंकवाद से लड़ाई का क्या मतलब है.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने किया है बाइज्जत बरी

बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीते 21 जुलाई को 2006 मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में सभी 12 मुस्लिम आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया था. हाईकोर्ट के इस फैसले को महाराष्ट्र राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी. हालंकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि बरी हुए लोग वापस जेल नहीं जाएंगे.

2006 में हुआ था ब्लास्ट

11 जुलाई 2006 को मुंबई वेस्टर्न रेलवे की सात लोकल ट्रेनों में मात्र 11 मिनट के अंदर पर बम बलास्ट हुए थे. इसमें सीरियल बम बलास्ट में 189 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 827 से अधिक यात्री घायल हुए थे. विस्फोट माटुंगा, माहिम, बांद्रा, खार, जोगेश्वरी, भोईंदर और मिरा रोड में हुए थे.

इस घटना के बाद महाराष्ट्र एटीएस ने कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि 15 अन्य को फरार घोषित किया गया था. इसके बाद जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था.

spot_img
1,716FansLike
6,134FollowersFollow
118FollowersFollow
20,100SubscribersSubscribe