Bihar: बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलें अभी से चुनावी मैदान में उतर गई है. इस बीच प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा मार्च किया था, जहां भारी हंगामा हो गया. इस हंगामें के बाद पटना पुलिस ने एक्शन लेते हुए जनसुराज पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर सहित 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाते हुए सचिवालय थाना में एफआईआर दर्ज की है. वहीं इसके अलावा 2000 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.
विधनसभा घेराव करने जाने के दौरान हुआ हंगामा
दरअसल, बुधवार को जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ता बिहार विधानसभा का घेराव करने के लिए निकले थे. इसके बाद जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता जैसे ही चितकोहरा गोलंबर के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस ने इन्हें रोकते लाठीचार्ज किया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए. इसके बाद भारी हंगामा हो गया.
‘अभी तो जंग की शुरुआत है’
इस दौरान जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि अभी तो जंग की शुरुआत है. इनका जीना हराम कर देंगे. अभी तीन महीने बाकी हैं. इनको पता नहीं है कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है. इन भ्रष्टाचारियों को हटाना चाहती है. ये लोग सदन में और पुलिस के पीछे छिप नहीं सकते हैं.
इन तीन मांगों को लेकर किया था प्रदर्शन
बता दें कि जनसुराज पार्टी ने तीन पर्मुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था. पार्टी की पहली मांग थी कि साल 2023 की जातीय जनगणना में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता कब मिलेगी? दूसरी मांग यह थी कि 50 लाख दलित और अति पिछड़ा परिवार को 3 डिसमिल जमीन कब दी जाएगी? वहीं तीसरी और आखिरी मांग थी कि जमीन सर्वे के नाम पर वंशावली, रसीद और दाखिल-खारिज में हो रही लूट कब तक चलती रहेगी?

