Kunwar Danish Ali On Fatehpur Tomb Controversy: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में स्थित नवाब अब्दुल समद के मकबरे पर हिंदू संगठनों और बीजेपी के लोगों ने मंदिर बताते हुए पूजा अर्चना की.हिंदू संगठनों की हजारों की भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में मकबरे के अंदर मौजूद कब्रों में तोड़फोड़ की और भगवा झंडा लगा दिया. इस घटना के बाद प्रदेश की सियासी माहौल गरम हो गया है. विपक्षी नेता इस मुद्दे पर लगातार सरकार पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. इसी बीच पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने कहा कि यह सारी नफरत बीजेपी और RSS का नतीजा है.
कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने बीजेपी और RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने आने वाली पीढ़ियों का भविष्य राख कर दिया है.
कुंवर दानिश अली का बीजेपी और RSS पर गंभीर आरोप
कुंवर दानिश अली ने कहा कि भीड़ और भगवा झंडा का इस्तेमाल करके बीजेपी ने आने वाली पीढ़ियों का भविष्य राख कर दिया है. आज देश ऐसे मोड़ पर खड़ा है अगर RSS संचालित इस नफरत को पूरे देश ने उखाड़ नही फेंका तो आने वाले सौ सालों तक हम इसकी कीमत चुकाते रहेंगे. पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि ये देश की आत्मा को बचाने की आखिरी लड़ाई है.
भीड़ और भगवा झंडा का इस्तेमाल करके @bjp4india ने आने वाली पीढ़ियों का भविष्य राख कर दिया है। आज देश ऐसे मोड़ पर खड़ा है अगर @RSSorg संचालित इस नफ़रत को अगर पूरे देश ने उखाड़ नही फेका तो आने वाले सौ सालों तक हम इसकी कीमत चुकाते रहेंगे। ये देश की आत्मा को बचाने की आख़िरी लड़ाई है। pic.twitter.com/oRovAr28KN
— Kunwar Danish Ali (@KDanishAli) August 12, 2025
कुंवर दानिश अली ने फतेहपुर मकबरे के मामले पर बयान देते हुए कहा कि BJP और RSS मुल्क के नौजवानों कों बर्बाद करने का काम कर रहे हैं.
बता दें कि नवाब अब्दुल समद के मकबरे पर हिंदू संगठनों और बीजेपी के द्वारा किए हमले का देशभर में विरोध किया जा रहा है. विपक्षी नेताओं समेत लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की खुली छुटी के कारण इन दंगाईयों ने मकबरे में हमला किया और वहां पूजा- अर्चना की.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि बीते 11 अगस्त को बीजेपी सहित हिन्दू संगठनों की हजारों की भीड़ पुलिस के बेरिकेड्स को तोड़ते और भगवा झंडा लहराते हुए नवाब अब्दुल समद के मकबरे में घुस गई. हिंदू संगठनों ने इसे मंदिर बताते हुए खूब हंगामा मचाया और वहां पर स्थित कब्रों को तोड़ दिया. पुलिस- प्रशासन इस हंगामे के दौरान मूकदर्शक बनी रही और उपद्रवी हंगामा करते रहे.

