Fatehpur Maqbara Controversy: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में स्थित नवाब अब्दुल समद के मकबरे को 11 अगस्त को हिंदू संगठनों और बीजेपी के लोगों ने मंदिर बताते हुए पूजा अर्चना की. हिंदू संगठनों की हजारों की भीड़ ने मकबरे में स्थित कब्रों को तोड़ दिया और भगवा झंडा लगा दिया. इसी बीच फतेहपुर जिले के बीजेपी अध्यक्ष मुखलाल पाल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो मजार की फोटो लगाकर आरती करते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद ये विवाद और बढ़ गया है.
बीजेपी नेता मुखलाल ने क्या कहा ?
सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो में बीजेपी नेता मुखलाल पाल कहते हैं कि हम सनातनी लोग हैं, हम संस्कारों से चलते हैं. सभी सनातनी लोगों से कहा है ठाकूर जी की पूजा करें, क्योंकि वो मकबरे के सामने नहीं जा सकते हैं.
‘ठाकूर जी का मंदिर मान कर करेंगे पूजा’
मुखलाल पाल ने आगे कहा कि फतेहपुर मकबरा कोई विवादित स्थल ही नहीं हैं, लोगों ने विवाद बना दिया है. हम सब इस मकबरे को ठाकूर जी मंदिर का प्रतीक मान कर पूजा करेंगे.
#फतेहपुर: वाह री राजनीति…कभी मकबरे को मंदिर बताकर भीड़ जुटाओ, कभी तस्वीर को ठाकुरद्वारा बताकर घर-घर पूजा कराओ, और फिर कहते हो कानून के रास्ते लड़ाई लड़ेंगे। लगता है अब राजनीति भी फोटोशॉप वाली भक्ति पर चल रही है! #FatehpurMaqbaraAttack #UPBJP #mukhlalpal pic.twitter.com/udjmUXXJV3
— Ds Yadav (@dsnetwork18) August 16, 2025
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि बीते 11 अगस्त को बीजेपी सहित हिन्दू संगठनों की हजारों की भीड़ पुलिस के बेरिकेड्स को तोड़ते और भगवा झंडा लहराते हुए नवाब अब्दुल समद के मकबरे में घुस गई. हिंदू संगठनों ने इस मंदिर बताते हुए खूब हंगामा मचाया और वहां पर स्थित कब्र को तोड़ दिया. इसके साथ ही वहां भगवा झंडा लगा दिया. पुलिस- प्रशासन इस हंगामे के दौरान मूकदर्शक बनी रही और उपद्रवी हंगामा करते रहे.
मुखलाल पर भीड़ को उकसाने का आरोप
इस घटना के बाद पुलिस ने 10 नामजद और 150 अज्ञात दंगाईयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हालांकि भीड़ को उकसाने और पुलिस को चेतावनी देने वाले यही बीजेपी के नेता मुखलाल पाल के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. इसपर लोगों ने सवाल उठाया है कि जिसने भीड़ को उकसाया उसका नाम FIR से क्यों गायब है.

