INDIA Alliance Vice President candidate B Sudarshan Reddy: बीजेपी ने बीते दिनों महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन को आने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA का उम्मीदवार घोषित किया है. अब विपक्ष यानी कि INDIA गठबंधन ने भी उपराष्ट्रपति पद के नाम का ऐलान कर दिया है. INDIA गठबंधन ने आंध्र प्रदेश से आने वाले पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया. आईए जानते हैं कि बी सुदर्शन रेड्डी कौन हैं..
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया ऐलान
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक लड़ाई है. विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से बी सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया है.
सभी विपक्षी पार्टियों ने मिलकर उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए एक उम्मीदवार चुना है।
मुझे ख़ुशी है कि सभी दल एकजुट होकर सहमत हुए हैं। ये लोकतंत्र और संविधान के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।
जब कभी संविधान खतरे में होता है तो हम सब मिलकर उसे बचाने के लिए लड़ते हैं। हमने तय किया है… pic.twitter.com/OerCmfb1Ne
— Congress (@INCIndia) August 19, 2025
बता दें कि विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट में जज के पद पर रह चुके हैं. खड़गे ने बताया कि वह आंध्र प्रदेश HC के न्यायाधीश, गुवाहाटी HC के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में काम कर चुके हैं. इसेक साथ ही, वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के लिए भी काम करते रहे हैं.
कौन है बी. सुदर्शन रेड्डी ?
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को हुआ है. उन्होंने बी.ए. और एलएल.बी. की पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 1971 में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में वकील के रूप में नामांकन कराया. उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य रूप से रिट याचिकाओं, सिविल मामलों और संवैधानिक मुद्दों पर वकालत की.1988 से 1990 के बीच वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील के रूप में कार्यरत रहे. उन्होंने केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता (Addl. Standing Counsel) की भूमिका भी निभाई.
2007 को बने सुप्रीम कोर्ट के जज
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को 2 मई 1995 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में स्थायी जज के रूप में नियुक्त किया गया. इसके बाद, वे 5 दिसंबर 2005 को गौहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने. इसके बाद उन्हें 12 जनवरी 2007 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया.

