India On journalists Killing In Gaza: इजराइल लगातार गाजा में कहर ढा रहा है. इजराइली सेना निशाना बनाकर गाजा के लोगों पर हमला कर रही है. इजराइल के इन घातक हमलों में हर दिन दर्जनों फिलिस्तीनी मारे जा रहे है. इसके साथ ही इजराइल ने गाजा के हालातों को दुनिया के सामने लाने वाले पत्रकारों को भी अपना निशाना बना रखा है. इजराइली हमलो में अब तक सैकड़ों पत्रकार मारे जा चुके हैं. गाजा में हो रही पत्रकारों की हत्या पर भारत ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुखद बताया है.
भारत ने गाजा में पत्रकारों की हत्या पर क्या कहा?
गाजा के खान यूनिस में इजराइली हमलों से पत्रकारों की हुई हत्या पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पत्रकारों की हत्या चौंकाने वाली और बेहद दुखद है. भारत हमेशा से संघर्षों में आम नागरिकों की मौत की निंदा करता रहा है. हमें जानकारी है कि इजराइली अधिकारियों ने पहले ही जांच शुरू कर दी है.
Our response to media queries regarding loss of lives of journalists in Khan Younis, Gaza
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 27, 2025
बता दें कि सोमवार को खान यूनिस के नासर अस्पताल पर हुए इजराइल के हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पत्रकार भी शामिल थे.
बीते दिनों पांच पत्रकार मारे गए थे
बीते दिनों 10 अगस्त को इजराइल ने गाजा के अल-शिफा अस्पताल के बाहर एक पत्रकार टेंट को निशाना बनाते हुए पांच पत्रकारों को मार डाला था. मारे गए सभी पत्रकार प्रमुख मीडिया संस्थान अल जजीरा के थे.
इजराइल के इस करतूत की अल जजीरा ने कड़ी निंदा की थी. मीडिया संस्थान ने इसे गाजा पर कब्जे और वहां हो रहे जुल्म को उजागर करने वाली आवाजों को चुप कराने का एक प्रयास बताया था.
अब तक गाजा में इतने पत्रकार मारे गए
रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर 2023 में गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक मारे गए पत्रकारों की संख्या लगभग 200 हो गई है.
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ) के मुताबिक, गाजा का युद्ध अब तक का पत्रकारों के लिए सबसे जानलेवा संघर्ष बन चुका है. संस्था का कहना है कि पिछले दो वर्षों में गाजा में जितने पत्रकार मारे गए हैं, उतने पूरी दुनिया में पिछले तीन वर्षों में भी नहीं मारे गए थे.

