Uttarakhand Muslim News: बीजेपी शासित प्रदेश उत्तराखंड में मुसलमानों के इबादतगाहों को निशाना बनाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है. उत्तराखंड धामी सरकार मदरसों, मस्जिदों और मजारों को अवैध बताते हुए बुलडोजर से तोड़ रही है. इसी सिलसिले में राजधानी देहरादुन के नवादा में बीते कल यानी कि बुधवार, 27 अगस्त को एक मजार को अवैध बताते हुए प्रशासन ने बुलडोजर से तोड़ दिया.
उत्तराखंड की बीजेपी सरकार के प्रशासन ने मजार को वन विभाग की जमीन पर अवैध तरीके से बनाने का हवाला देते हुए बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया.
दो हफ्ते पहले दिया था नोटिस
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन ने मजार को हटाने के लिए दो हफ्ता पहले नोटिस दिया था, लेकिन मजार खादिमों द्वारा कोई जवाब नहीं दिए जाने पर वन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मजार पर कार्रवाई कर दी.
लोकेशन : नवादा,देहरादून,उत्तराखंड
दिनांक : 27 अगस्तमजार को अवैध बताते हुए प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया इसके लिए जिन्होंने वन विभाग की जमीन का हवाला दिया। pic.twitter.com/ySbrVPZNNa
— The Muslim (@TheMuslim786) August 28, 2025
मजार के अंदर कोई धार्मिक अवशेष नहीं मिले
बुलडोजर कार्रवाई के दौरन मौके पर मौजूद नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि यह धार्मिक ढांचा अवैध रूप से बनाया गया था और इसका उद्देश्य साफ तौर पर वन विभाग की जमीन पर कब्जा जमाना प्रतीत होता है.उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ढांचे के अंदर किसी भी तरह के धार्मिक अवशेष नहीं मिले हैं.
वहीं जिलाधिकारी सविन बंसल ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के निर्देश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है और सरकारी भूमि से हर हाल में अतिक्रमण हटाया जाएगा.
प्रशासन के मुताबिक, अब तक उत्तराखंड की धामी सरकार द्वारा 538 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है. यह कार्रवाई सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और अवैध कब्जों को खत्म करने की नीति के तहत की जा रही है.
150 से ज्यादा मदरसे सील
बता दें कि मजारों के साथ- साथ उत्तराखंड की बीजेपी सरकार मदरसों को भी निशाना बना रही है. उत्तराखंड में अभी तक 150 से ज्यादा मदरसों को सील किया जा चुका है जबकि दर्जनों से ज्यादा मदरसों को तोड़ दिया गया है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की तरफ से सभी तहसील को आधिकारियों को आदेश दिया गया है कि बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी मदरसा संचालित नहीं होगा.