राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम के अंतिम दिन यानी कि आज गुरूवार, 28 अगस्त को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कई सवालों के जवाब दिए. मोहन भागवत ने इस दौरान 75 साल के बाद राजनीति से रिटायर होने वाले बयान के बारे में भी बता की.
75 साल बाद राजनीति से रिटायर के सवाल पर भागवत ने क्या कहा?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ’75 साल के बाद क्या राजनीति से रिटायर हो जाना चाहिए..’ सवाल के जवाब में कहा कि मैंने ये बात मोरोपंत के बयान का हवाला देते हुए उनके विचार रखे थे… मैंने ये नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी और को रिटायर हो जाना चाहिए… हम जिंदगी में किसी भी समय रिटायर होने के लिए तैयार हैं और संघ हमसे जिस भी समय तक काम कराना चाहेगा, हम संघ के लिए उस समय तक काम करने के लिए भी तैयार हैं.
#WATCH दिल्ली: ’75 साल के बाद क्या राजनीति से रिटायर हो जाना चाहिए’ सवाल के जवाब में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “मैंने ये बात मोरोपंत जी के बयान का हवाला देते हुए उनके विचार रखे थे…मैंने ये नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी और को रिटायर हो जाना चाहिए… हम जिंदगी में… pic.twitter.com/S44vQyCcRD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 28, 2025
भागवत ने कहा कि मैंने ये कभी नहीं कहा कि (75 साल की उम्र में) मुझे या किसी और को रिटायर हो जाना चाहिए. संघ में स्वयंसेवक होने के नाते हमें कुछ जिम्मेदारी दी जाती है, चाहे हम चाहें या न चाहें. ऐसे में अगर 80 साल की उम्र में संघ कहे कि जाओ शाखा चलाओ तो मुझे जाना होगा. मैं ये नहीं कह सकता है कि मैं 75 साल का हो गया हूं, अब मैं रिटायरमेंट को एंजॉय करूंगा. संघ के काम में कोई बेनिफिट नहीं है.
बीजेपी और RSS के बीच मतभेद पर बोले भागवत
वहीं बीजेपी और RSS के बीच मतभेद के सवाल पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मतभेद के कोई मुद्दे नहीं होते. हमारे यहां मतभेद के विचार कुछ हो सकते हैं लेकिन मनभेद बिल्कुल नहीं है. एक दूसरे पर विश्वास है…क्या बीजेपी सरकार में सब कुछ RSS तय करता है? ये पूरी तरह से गलत बात है. ये हो ही नहीं सकता. मैं कई साल से संघ चला रहा हूं, वे सरकार चला रहे हैं. सलाह दे सकते हैं लेकिन उस क्षेत्र में फैसला उनका है, इस क्षेत्र में हमारा है. इसलिए हम तय नहीं करते. हम तय करते तो इतना समय लगता क्या? हम तय नहीं करते.