Faiz E Ilahi Masjid Bulldozer Action: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके की ऐतिहासिक फैज- ए- इलाही मस्जिद (Faiz E Ilahi Masjid) के पास बुधवार, 7 जनवरी की आधी रात दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण बताते हुए मस्जिद से सटे बारातघर, लाइब्रेरी और डिस्पेंसरी और अन्य कई हिस्सों को तोड़ दिया. MCD की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए. पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए लाठीचार्ज की और आंसू गैस के गोले छोड़े. फैज-ए- इलाही मस्जिद के पास हुए बुलडोजर एक्शन को लेकर हंगामा मचा हुआ है. इसी बीच AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस कार्रवाई को गलत बताया है.
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि देखिए इस बात को समझने की जरूरत है कि वो तमाम जायदाद वक्फ की है. हैदराबाद सांसद ओवैसी ने 1970 की गजट के इंट्री नंबर- 40 का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने जो गजट जारी किया था, उसमें उसका जिक्र है.
RSS को लेकर कहा ये बात
सांसद ने आगे कहा कि यह बात बिल्कुल सही है कि 12 नवंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने इस पर फैसला सुनाया. हैरतअंगेज बात यह है कि RSS से जुड़े याचिकाकर्ता ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ अदालत पहुंचे. अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश दिया, लेकिन इसमें वक्फ को पक्षकार नहीं बनाया गया.
प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का दिया हवाला
ओवैसी ने ये भी कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को कोर्ट में रिव्यू पिटीशन फाइल करनी चाहिए थी. कोर्ट ने गलत फैसला लिया. यह LDO शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार है. प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि 1947 में यह जगह एक मस्जिद थी.
#WATCH | Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra | On demolition drive carried out by MCD near Faiz-e-Elahi Masjid, Turkman Gate, AIMIM MP Asaduddin Owaisi says,” The fact is that this whole land belongs to Waqf…On 12th November, the Delhi HC indeed gave a judgment. The… pic.twitter.com/DuyWF9ZvTO
— ANI (@ANI) January 7, 2026
AIMIM सांसद ने कहा कि वक्फ को नुकसान हुआ है. जो हुआ वह गलत है. दिल्ली वक्फ बोर्ड और उसकी मैनेजिंग कमेटी को सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए और सभी तथ्य बताकर स्टेटस को हासिल करना चाहिए.

