I-PAC Office ED Raid: पश्चिम बंगाल में पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म आई पैक (I-PAC) के ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर ईडी (ED) की रेड के बाद बवाल मचा हुआ है. ED की रेड के विरोध में पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक विरोध हो रहा है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, जहां पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया. TMC सांसदों के हिरासत में लिए जाने की सीएम ममता बनर्जी ने कड़ी निंदा की.
टीएमसी सांसदों ने एक तरफ जहां दिल्ली में प्रदर्शन किया, तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के खिलाफ दो FIR दर्ज कराई है. साथ ही वे कोलकाता में मार्च भी निकाल रही हैं.
#WATCH | Kolkata | TMC Chairperson and West Bengal CM Mamata Banerjee leads a rally today against the Enforcement Directorate, following the raid on I-PAC yesterday.
Visuals from the 8B bus stand, Jadavpur pic.twitter.com/On4uMtFUBG
— ANI (@ANI) January 9, 2026
#WATCH | Delhi | Detained TMC MP Mahua Moitra says,” We have been detained and brought to Parliament Street police station. We were protesting peacefully outside the office of the Union Home Minister Amit Shah, who most shamelessly sent his Enforcement Directorate, the Extortion… pic.twitter.com/XJLpqychEl
— ANI (@ANI) January 9, 2026
TMC सांसदों के हिरासत में लेने पर भड़कीं ममता बनर्जी
वहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने TMC सांसदों के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है. इसके लिए चुने हुए जनप्रतिनिधियों को सड़कों पर घसीटना कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि वर्दी में घमंड है. यह देश एक लोकतंत्र है, बीजेपी की निजी जागीर नहीं.
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि लोकतंत्र सत्ता में बैठे लोगों की सुविधा या आराम से नहीं चलता. जब बीजेपी के नेता प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें रेड कार्पेट और खास सुविधाएं चाहिए होती हैं. लेकिन जब विपक्ष के सांसद अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें घसीटा जाता है, हिरासत में लिया जाता है और अपमानित किया जाता है. यह दोहरा रवैया बीजेपी की लोकतंत्र की सोच को दिखाता है, जहां असहमति नहीं बल्कि सिर्फ आज्ञा मानने की उम्मीद की जाती है.
I strongly condemn the shameful and unacceptable treatment meted out to our Members of Parliament. Dragging elected representatives on the streets for exercising their democratic right to protest outside the Home Minister’s office is not law enforcement – it is arrogance in…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) January 9, 2026
बंगाल की सीएम ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि यह बात साफ है कि सम्मान आपसी होता है. आप हमें सम्मान देंगे, तो हम भी आपको सम्मान देंगे. अगर आप हमें सड़क पर घसीटेंगे, तो हम आपको संविधान में बताए गए सहनशीलता, असहमति और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाएंगे. यही हमारा भारत है. हम अधिकार के साथ नागरिक हैं, किसी कुर्सी, बैज या पद की दया पर नहीं. कोई सरकार, कोई पार्टी और कोई गृह मंत्री यह तय नहीं कर सकता कि लोकतंत्र में किसे सम्मान और गरिमा मिलनी चाहिए.
ED और ममता हाईकोर्ट पहुंचे
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस और पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC ने गुरुवार को ED की रेड की वैधता को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. वहीं ED ने जांच में बाधा डालने के आरोप में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इसकी सुनावई आज होनी थी. हालांकि कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और हंगामे की वजह से ED की याचिका पर सुनवाई टाल दी है.

