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Sambhal: अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश, हिंसा के दौरान युवक पर फायरिंग करने का आरोप

अदालत ने संभल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, संभल कोतवाली चंदौसी के के तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर अनुज तोमर समेत कई अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.

Sambhal Violence News: उत्तर प्रदेश के संभल में नवंबर, 2024 में शाही जामा मस्जिद का सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी. हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और बल का इस्तेमाल किया था. इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे. अब इस मामले में संभल की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने संभल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी (Anuj Chaudhary) समेत दर्जनों पुलिस कर्मियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है.

अदालत ने संभल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, संभल कोतवाली चंदौसी के के तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर अनुज तोमर समेत कई अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.

यामीन की याचिका पर कोर्ट ने दिया आदेश

बता दें कि चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विभान्शु सुधीर ने खग्गू सराय अंजुमन इलाके के रहने वाले यामीन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है.

पुलिस फायरिंग में यामीन के बेटे को गोली लगी थी

यामीन ने आरोप लगाया कि 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद इलाके में हुई अशांति के दौरान पुलिस फायरिंग में उनके बेटे आलम को गोली लगी थी. याचिका के अनुसार, आलम रस्क और बिस्कुट बेचने के लिए बाहर निकला था, तभी वह हिंसा की चपेट में आ गया और उसे गोली लग गई.

याचिकाकर्ता ने जिला कोर्ट को बताया कि डर के मारे उसके बेटे ने छिपकर मेडिकल ट्रीटमेंट करवाया, और बाद में इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. 9 जनवरी को सुनवाई के बाद, कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी नामजद और अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए.

क्या था पूरा मामला?

बता दें कि 24 नवंबर, 2024 को ASI की एक टीम शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने पहुंची थी. जहां हिंदूवादी संगठनों की भीड़ “जय श्री राम” सहित कई अन्य नारे लगा रही थी. इस दौरान मस्जिद के बाहर मुसलमान भी जमा थे. जहां पुलिस ने मुसलमानों को हटाने के लिए बल का इस्तेमाल किया फिर प्रदर्शन कर रहे मुस्लिमों पर गोलियां भी चलाई. पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में पांच मुसलमानों की मौत हो गई थी. पुलिस ने मुस्लिम प्रदर्शनकारियों को उल्टा “दंगाई” करार दिया और घटना के संबंध में कई मामले दर्ज किए. लेकिन अब इस मामले अब एक नया मोड़ आया है और कोर्ट ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है.

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