Bareilly, Uttar Pradesh: बीजेपी शासित प्रदेश उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस ने 12 मुस्लिम यवकों को एक निजी घर में बिना इजाजत नमाज पढ़ने के आरोप में हिरासत में लिया और उन पर जुर्माना लगाया. निजी घर में नमाज पढ़ रहे मुस्लिमों को हिरासत में लिए जाने के बाद इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं. आईए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है..
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की. बताया जा रहा है कि उस वीडियो में कुछ लोग घर के अंदर नमाज अदा करते हुए दिखाई दे रहे थे. इस वीडियो की जानकारी अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई की.
In UP’s Bareilly, a video of 12 people offering prayers had surfaced on social media. All 12 were arrested. pic.twitter.com/DM8OYUToiJ
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) January 18, 2026
रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना के बाद 12 लोगों के खिलाफ शांति भंग करने से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत चालान किया गया. बाद में उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई.
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि मोहम्मदगंज गांव के लोगों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की. ग्रामीणों ने बताया था कि एक खाली मकान को पिछले कई हफ्तों से अस्थायी मदरसे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.
अंशिका वर्मा ने कहा, “बिना अनुमति किसी भी नई धार्मिक गतिविधि या सभा का आयोजन करना कानून का उल्लंघन है. अगर ऐसी गतिविधियां दोबारा की गईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.” उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील भी की.
बता दें कि कई लोगों का नमाज पढ़ते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. ये लोग एक निजी घर में नामज पढ़ रहे थे. इस दक्षिणपंथी समूह के लोगों ने वायरल किया, साथ ही इस वीडियो पर कई नफरती कमेंट भी किए गए.
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मकान हनीफ नाम के व्यक्ति का है और इसका इस्तेमाल अस्थायी रूप से जुमे की नमाज के लिए किया जा रहा था. वहीं न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मौके पर किसी तरह के स्थायी निर्माण या किसी संस्थागत धार्मिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं.

