Bareilly, Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में निजी मकान पर नमाज अदा करने पर पुलिस ने 12 मुस्लिम युवकों को हिरासत में लिया और जुर्माना भी लगाया. मुस्लिम युवकों को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदेश में सियासी हंगामा मच गया है. मुस्लिम समुदाय और विपक्षी नेता सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ कर रहे हैं. इसी सिलसिले में भीम आर्मी चीफ और आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण (Chandrashekhar Azad ‘Ravan’) ने कहा कि निजी मकान में नमाज अदा करने पर 12 लोगों को हिरासत में लिया जाना संविधान पर सीधा हमला है.
चंद्रशेखर आजाद ने संविधान पर सीधा हमला बताया
सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने कहा कि उत्तर प्रदेश के जिला बरेली के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज में एक निजी मकान में नमाज अदा करने पर 12 लोगों को हिरासत में लिया जाना न सिर्फ अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक है, बल्कि यह संविधान पर सीधा हमला है.
‘क्या इबादत के लिए भी अनुमति लेनी होगी?’
भीम आर्मी चीफ ने योगी सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ जी यदि कोई कानून-व्यवस्था का वास्तविक खतरा नहीं था, तो निरोधात्मक कार्रवाई किस आधार पर की गई? उन्होंने कहा कि क्या अब निजी घर में शांतिपूर्वक इबादत भी पुलिस की “अनुमति” की मोहताज होगी?
उत्तर प्रदेश के जिला बरेली के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज में एक निजी मकान में नमाज़ अदा करने पर 12 लोगों को हिरासत में लिया जाना न सिर्फ़ अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक है, बल्कि यह संविधान पर सीधा हमला है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यदि कोई कानून-व्यवस्था का… pic.twitter.com/5rav0hdFw7
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) January 18, 2026
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि किस तरह धार्मिक अल्पसंख्यकों की आस्थाओं को शक और दमन की दृष्टि से देखा जा रहा है.
उत्तर प्रदेश सरकार से ये मांग की
आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाए, इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, धर्म के आधार पर की जा रही पुलिसिया मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए.
बता दें कि उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस ने 12 मुस्लिम यवकों को एक निजी घर में बिना इजाजत नमाज पढ़ने के आरोप में हिरासत में लिया और उन पर जुर्माना लगाया. शिकायत और सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की.

