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Uttarakhand: गंगोत्री धाम में गैर- हिंदुओं की एंट्री बैन… CM धामी ने कहा- संतो की राय के मुताबिक सरकार आगे बढ़ेगी

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य के सभी धार्मिक स्थलों और देवस्थानों से जुड़े धार्मिक संगठनों और पूज्य संत समाज की जो भी राय होगी, सरकार उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी.

Uttarakhand: उत्तराखंड के गंगोत्री धाम (Gangotri Dham) में अब गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला रविवार को आयोजित श्री गंगोत्री मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। यह प्रतिबंध सिर्फ गंगोत्री धाम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मां गंगा की शीतकालीन निवास स्थली मुखबा में भी लागू किया जाएगा. मंदिर समिति के इस फैसले का काफी विरोध हो रहा है. वहीं दूसरी ओर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने समिति के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है.

गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने जानकारी दी कि इस फैसले के तहत गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यही प्रतिबंध देवी के शीतकालीन निवास मुखबा में भी लागू होगा.

अन्य मंदिरो के लिए भी प्रस्ताव लाया जाएगा

वहीं बद्रीनाथ– केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आने वाली समिति बैठक में दोनों धामों सहित मंदिर समिति के अधीन सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा जाएगा.

सीएम धामी ने क्या कहा?

गंगोत्री धाम में गैर हिंदूओं के प्रवेश पर बैन समेत इन सभी विषयों पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिक्रिया दी है. पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का रुख साफ है. राज्य के सभी धार्मिक स्थलों और देवस्थानों से जुड़े धार्मिक संगठनों और पूज्य संत समाज की जो भी राय होगी, सरकार उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी. उन्होंने यह भी बताया कि पहले से बने कुछ कानूनों का अध्ययन किया जा रहा है और उन्हीं के आधार पर आगे निर्णय लिया जाए.

सीएम धामी ने इसके अलावा कहा कि पहले भी यह स्पष्ट किया जा चुका है, क्योंकि ये सभी धार्मिक स्थल हमारे प्राचीन पूजा स्थल हैं, इसलिए इन स्थानों से जुड़े हर पक्ष की राय को महत्व दिया जाएगा. इनमें धार्मिक संगठनों के सदस्य, तीर्थयात्रा समितियां, गंगा सभा, केदार सभा, बद्रीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति, पूज्य संत समाज और इन स्थलों के संचालन व प्रबंधन से जुड़े सभी लोग शामिल हैं. उनके सुझावों और विचारों के आधार पर ही आगे निर्णय लिया जाएगा.

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