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Uttarakhand: गंगोत्री धाम में गैर- हिंदुओं की एंट्री बैन… जमीयत अध्यक्ष अरशद मदनी और कांग्रेस MP ने उठाया सवाल

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों में में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने पर कहा कि उन्हें लगता है कि देश उनका है, और वे जनता को किसी भी दिशा में ले जा सकते हैं, लेकिन समय बदल गया है.

Uttarakhand: उत्तराखंड के गंगोत्री धाम (Gangotri Dham) में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है. मंदिर कमेटी के इस फैसले पर काफी हंगामा मच गया है. कई दलों के नेताओं और संगठनों ने इसे अंसवैधानिक बताया है. जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी (Arshad Madani) और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Imran Masood) नें मंदिर कमेटी के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

कई मंदिरों में गैर- हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव

बता दें कि गंगोत्री मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से फैसले से गैर- हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. यह प्रतिबंध सिर्फ गंगोत्री धाम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मां गंगा की शीतकालीन निवास स्थली मुखबा में भी लागू किया जाएगा.

साथ ही बद्रीनाथ– केदारनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आगामी बैठक में दोनों धामों सहित मंदिर समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा जाएगा.

अरशद मदनी ने क्या कहा?

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों में में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने पर कहा कि उन्हें लगता है कि देश उनका है, और वे जनता को किसी भी दिशा में ले जा सकते हैं, लेकिन समय बदल गया है. यह अच्छा है कि लोग प्यार और भाईचारे के साथ रहें और जमीयत उलेमा-ए-हिंद यही सिखाता है.

मौलाना अरशद मदनी ने यह भी कहा कि यह सिर्फ केदारनाथ में नहीं है. असम में पूरी कॉलोनियों को गिराया जा रहा है और लाखों मुसलमानों को बांग्लादेशी बताया जा रहा है.

कांग्रेस सांसद ने कहा- अजीब स्थिति बना दी है

वहीं सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने गंगोत्री धाम विवाद पर कहा कि इन्होंने अजीब स्थिति बना दी है. अगर आप नागरिक हैं, तो अपनी नागरिकता साबित करें. क्या सरकार कुछ साबित करेगी या नहीं? संविधान ने हमें धार्मिक आजादी दी है. अब वे शंकराचार्य को नोटिस भेजकर पूछेंगे कि क्या वह शंकराचार्य हैं या नहीं. आज आप शंकराचार्य के पद पर सवाल उठा रहे हैं. आप किसी और की पहचान से इनकार करेंगे. अब उन्होंने हिंदुओं पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है, पूछ रहे हैं कि वे हिंदू हैं या नहीं. कोई कैसे साबित करेगा कि वह हिंदू है? क्या यह बहुत अजीब सवाल नहीं है?

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