Union Budget 2026- 27: केंद्र सरकार ने रविवार, 1 फरवरी को 2026- 27 के सालाना बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगभग 85 मिनट भाषण देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया. केंद्रीय बजट 2026 में एक तरफ जहां मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में राहत मिली है, तो वहीं शेयर बाजार से जुड़े निवेश और कुछ अन्य गतिविधियों पर खर्च बढ़ गया है.
बजट पेश होने के बाद लोगों के मन में ये होता है कि बजट के बाद क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा हुआ.. तो आईए आसान भाषा में समझते हैं कि क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा हुआ है.
क्या सस्ता हुआ?
- कैंसर की दवाइयां सस्ती
17 लाइफ सेविंग कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म, दुर्लभ बीमारियों की दवाएं और स्पेशल फूड भी टैक्स फ्री. - माइक्रोवेव ओवन सस्ते हो सकते हैं
माइक्रोवेव के पार्ट्स पर ड्यूटी कम, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा.
- EV बैटरी और सोलर पैनल सस्ते
EV बैटरी और एनर्जी स्टोरेज के सामान पर टैक्स नहीं, सोलर ग्लास के कच्चे माल पर भी ड्यूटी खत्म.
- जूते, कपड़े और सी-फूड सस्ते होने की उम्मीद
लेदर, टेक्सटाइल और सी-फूड एक्सपोर्ट को टैक्स राहत. प्रोडक्शन सस्ता होगा, दाम घट सकते हैं. - विदेश घूमना सस्ता
विदेशी टूर पैकेज पर TCS अब सिर्फ 2%, पहले 5% से 20% तक लगता था. - एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सस्ता
हवाई जहाज के पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी खत्म, एविएशन सेक्टर को बड़ा फायदा. - विदेश से निजी सामान मंगाना सस्ता
पर्सनल यूज की चीजों पर टैक्स 20% से घटकर 10%
महंगा क्या हुआ?
- शराब महंगी हो सकती है
शराब पर TCS 1% से बढ़ाकर 2%
दुकानदार का खर्च बढ़ेगा. इसका असर कीमतों पर पड़ सकता है. - शेयर बाजार में ट्रेडिंग महंगी
फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT: 0.02% से बढ़ाकर 0.05%
ऑप्शंस ट्रेडिंग पर STT: 0.15%
TCS क्या है?
TCS का अर्थ सोर्स पर टैक्स कलेक्शन, यह एडवांस इनकम टैक्स होता है. ITR भरते समय इसे एडजस्ट किया जा सकता है.
STT क्या है?
STT, शेयर खरीदने–बेचने पर लगने वाला टैक्स होता है. टैक्स बढ़ने से ट्रेडिंग की लागत बढ़ेगी.

