Rahul Gandhi On PM Modi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार की कार्यशैली और हाल की नीतियों की लगातार अलोचन करते रहे हैं. इसी बीच राहुल गांधी ने एक बार फिर भारत- अमेरिका ट्रेड डील, देश में प्रदर्शन करने पर गिरफ्तारी, पेपर लीक समेत कई मुद्दों को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है.
राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि आज भारत में Compromised PM के राज में शांतिपूर्ण विरोध करना ही सबसे बड़ा “अपराध” बना दिया गया है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे- धीरे ऐसी दिशा में धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साजिश बताया जाता है.
उन्होंने आगे कहा कि सोचिए मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमा और जेल यह लगभग तय है. पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई, तो जवाब लाठियों से मिला.
राहुल गांधी ने कहा, ‘देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने BJP के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की, उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया, और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया.’ आगे कहा कि एक बलात्कार पीड़िता के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ. न्याय की मांग को व्यवस्था के लिए “असुविधा” मानकर हटा दिया गया.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले US Trade deal का शांतिपूर्ण विरोध किया तो उन्हें “देशविरोधी” बताकर गिरफ्तार कर लिया गया. जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तो पर्यावरण की चिंता को भी “राजनीति” कहकर दबा दिया गया.
राहुल गांधी ने ये भी कहा कि जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया. आंसू गैस, रबर की गोलियां, पानी की बौछारें और लाठियां, यही संवाद का माध्यम बना. जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नजर डाली गई, मानो अपने अधिकार मांगना अपराध हो.
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसा लोकतंत्र है, जहां Compromised PM सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है?
‘मोदी जी, ये North Korea नहीं, भारत है’
आगे कहा कि शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं, लोकतंत्र की आत्मा है. सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, उसकी ताकत है. लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है, जवाब देती है और जवाबदेह रहती है. मोदी जी, ये North Korea नहीं, भारत है. जब सत्ता खुद को राष्ट्र समझने लगे और असहमति को दुश्मन, तब लोकतंत्र मर जाता है.

