बीजेपी शासित प्रदेश असम में अगले महीने में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है. चुनाव को लेकर सभी राजनातिक पार्टियां जोर- शोर में मैदान में लगी हुई है. बीजेपी नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा लगातार कथित रूप से अवैध बांग्लादेशियों की आड़ में भारतीय मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं. इसी बीच असम की बीजेपी सरकार ने देश के पूर्व मुस्लिम राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया है.
फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज का नाम अब ये होगा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि असम कैबिनेट ने फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, बारपेटा का नाम बदलकर अब बारपेटा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल करने का फैसला किया है.
हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि फखरुद्दीन अली अहमद भारत के राष्ट्रपति थे और वे असम से भारत के पहले राष्ट्रपति थे. इसलिए, असम कैबिनेट ने उन्हें सम्मान देते हुए उनके नाम पर एक और संस्थान समर्पित करने का फैसला किया है.
हिमंता बिस्वा सरमा ने क्या तर्क दिया?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य के ज्यादातर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के नाम उन शहरों पर रखे गए हैं, जहां वे स्थित हैं. उन्होंने बताया कि गुवाहाटी, धुबरी, सिलचर, बोंगाईगांव, बिश्वनाथ और सोनितपुर में स्थित मेडिकल कॉलेज इसी परंपरा का उदाहरण हैं. इन शहरों में मौजूद सभी मेडिकल कॉलेजों के नाम भी उनके शहरों के नाम पर ही रखे गए हैं.
मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने पर लोगों की प्रतिक्रिया
देश के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के नाम पर बनें मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तरह- तरह प्रतिक्रियाएं आ रही है. एक यूजर ने कहा कि नए नाम से ही एक और मेडिकल कॉलेज खोल लेते, सिर्फ नाम बदलने से क्या होगा?
वहीं इसके साथ ही हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम कैबिनेट ने ज़ुबीन गर्ग समाधि क्षेत्र के लिए 10 बीघा जमीन कल्चरल अफेयर्स डिपार्टमेंट को अलॉट की है.

