नई दिल्ली: Hamaari Sada Trust ने 80वां स्वतंत्रता दिवस Rising Skill Development Centre, मदनपुर खादर एक्सटेंशन में बच्चों के साथ खुशी और देशभक्ति के माहौल में मनाया। इस मौके पर बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविताएं, भाषण और नाटक पेश किए। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में Hamaari Sada Trust के संस्थापक Mohd. Irshad Alam, ट्रस्टी Saeed Ahmad और Safiya Yasmeen मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुई। इसके बाद बच्चों ने अलग-अलग प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और उनके जीवन व बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

कक्षा 8 की छात्रा अलीना ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सना और हिबा ने देशभक्ति गीत “प्यार का नगमा झूम के गाओ, आज है यौमे आज़ादी” गाकर की। इसके बाद कई छात्र-छात्राओं ने “आज़ादी का दिन आया है, खुशियों का संदेश लाया है” जैसे देशभक्ति गीत और “हम देश के बच्चे हैं, देश के सच्चे रक्षक हैं” तथा “मेरा देश, मेरी शान” जैसी कविताएं प्रस्तुत कीं।

कक्षा 11 की छात्रा नाज़िया ने अपने भाषण में 1857 से 1947 तक भारत की आज़ादी की कहानी बताई। उन्होंने बताया कि किस तरह देश के लोगों ने लंबे समय तक आज़ादी के लिए संघर्ष किया और अनेक लोगों ने देश के लिए अपना जीवन तक बलिदान कर दिया।

इस मौके पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पत्रकारिता के छात्र इलयास फ़हमी ने “हमारा वतन हिंदुस्तान” विषय पर भाषण दिया। उन्होंने बच्चों से देश और समाज को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका समझने की बात कही।

इसके बाद कक्षा 12 के छात्र माज़ ने “समाज के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी” विषय पर भाषण दिया। उन्होंने बच्चों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और अच्छे नागरिक बनने के महत्व के बारे में बताया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, बाल गंगाधर तिलक, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, डॉ. जाकिर हुसैन, भगत सिंह, मौलाना हसरत मोहानी और खान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान सहित कई महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया।

कार्यक्रम के अंत में Hamaari Sada Trust के संस्थापक Mohd. Irshad Alam ने सभी बच्चों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आज़ादी के लिए किए गए संघर्ष और लोगों के बलिदान को याद किया।

उन्होंने कहा कि आज़ादी के साथ हमारी कुछ जिम्मेदारियां भी हैं। हमें देश की एकता, भाईचारे और शांति को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से शिक्षा पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि “शिक्षा के बिना कामयाबी नहीं।” उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा ही उनके बेहतर भविष्य और देश की तरक्की का मजबूत आधार है।

उन्होंने अपने संबोधन में “सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है” की पंक्ति भी दोहराई और बच्चों से देश की एकता और सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
स्वतंत्रता दिवस समारोह बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और देशभक्ति की भावना के साथ संपन्न हुआ।

