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इजरायली फिल्ममेकर्स ने बनाई ग़ज़ा जेनोसाइड पर डॉक्यूमेंट्री, नेतन्याहू के मंत्री ने दी नागरिकता खत्म करने की धमकी

Israel News: गज़ा युद्ध पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘NAZA’ को वेनिस फिल्म फेस्टिवल में स्पेशल जूरी प्राइज मिला है. इसके बाद इजरायल में विवाद बढ़ गया. संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने फिल्ममेकरों की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही. डॉक्यूमेंट्री में गाजा में AI सिस्टम के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

Israel News: इजरायल ने पूरी दुनिया के सामने गज़ा में लगभग दो सालों तक नरसंहार किया है, जिसमें हजारों फिलिस्तीनी बच्चों, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुषों की मौत हुई है. अपने इस नरसंहार को छिपाने के लिए इजरायल पानी की तरह पैसे बहा रहा है. इसके बावजूद दुनिया इजरायल का सैतानी चेहरा देख चुकी है, जो फिलिस्तीनियों के खून से रंगा हुआ है. इसी कड़ी में दो फ़िल्ममेकर युवल अब्राहम और राहेल ज़ोर ने गज़ा में हो रहे नरसंहार पर एक डॉक्यूमेंट्री ‘NAZA’ बनाई. डॉक्यूमेंट्री ‘NAZA’ ने वेनिस फ़िल्म फ़ेस्टिवल में ‘स्पेशल जूरी प्राइज़’ जीता है. अब इजरायल में इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. इजरायल के संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने कहा है कि वे फ़िल्ममेकर युवल अब्राहम और राहेल ज़ोर की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.

इजरायल के संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने बीते रविवार 13 सितंबर को X पर एक पोस्ट में, कहा कि अब्राहम और ज़ोर के काम “देश के ख़िलाफ़ गद्दारी” के बराबर हैं. उन्होंने लिखा, “संस्कृति मंत्री के तौर पर, मैं देश के ख़िलाफ़ गद्दारी के लिए इन घिनौने क्रिएटर्स की इज़राइली नागरिकता रद्द करने के लिए तुरंत कार्रवाई करूँगा.” ज़ोहर ने डॉक्यूमेंट्री को “घिनौना” और फ़िल्म फ़ेस्टिवल में इसकी जीत को “चौंकाने वाला” बताया. उन्होंने फ़िल्ममेकरों पर आरोप लगाया कि उन्होंने “दुनिया भर में यहूदियों के विरोधी लोगों से तारीफ़ पाने के लिए” देश को नुकसान पहुँचाया है.

वेनिस फ़िल्म फ़ेस्टिवल के आधिकारिक सारांश के अनुसार, 80 मिनट की इस फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे इज़राइल ने गाज़ा में फ़िलिस्तीनियों की “सोची-समझी सामूहिक हत्याओं” के लिए AI-आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया. फ़िल्म फ़ेस्टिवल के दौरान प्रीमियर पर इस डॉक्यूमेंट्री को दर्शकों ने खड़े होकर 25 मिनट तक तालियाँ बजाकर सराहा.

फ़िल्म में इज़राइली सेना और इंटेलिजेंस के उन लोगों के बयान शामिल हैं, जिन्होंने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बात की. इंटरव्यू देने वालों ने “लैवेंडर” नाम के एक AI सिस्टम के बारे में बताया, जिसका इस्तेमाल गाज़ा में फ़िलिस्तीनियों के बीच टेलीकम्युनिकेशन पर नज़र रखने और टारगेटेड हत्याओं (चुनिंदा लोगों को मारने) का फ़ैसला करने के लिए किया जाता था. अब्राहम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी डॉक्यूमेंट्री पश्चिमी सरकारों को इज़राइल पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के लिए प्रेरित करेगी.

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