Saudi News: यमन की सरकारी फौज, सऊदी और हूतियों विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी है. सऊदी ने यमन पर सैकड़ों एयरस्ट्राइक किए हैं. वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी के सैन्य और तेल रिफाइनरी को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बना रहे हैं. इन हमलों में दोनों तरफ से आम लोगों को भी नुकसान पहुंच रहा है. हूतियों के हमलों से सऊदी अरब की चिंताएं बढ़ गई हैं. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने अपने क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों से एयर-डिफेंस में मदद मांगी है. सऊदी अरब के पास अमेरिका और वेस्टर्न देशों से खरीदी गई एयर डिफेंस सिस्टम हैं, लेकिन हूतियों की तरफ से हो रहे लगातार हमले की वजह से सऊदी अरब के पास इंटरसेप्टर की कमी हो गई है. इसीलिए सऊदी अरब पाकिस्तान, मिस्र, ब्रिटेन और फ्रांस से इस इलाके में एयर-डिफेंस सपोर्ट तैनात करने को कहा है.
एसोसिएट प्रेस को क्षेत्र के दो अधिकारियों ने इस बात की जानकारी नाम न बताने की शर्त पर दी है. सऊदी अरब को इसलिए भी इन देशों से मदद मांगनी पड़ रही है, क्योंकि सऊदी के मुख्य सहयोगी देशों में से एक अमेरिका के इंटरसेप्टर मिसाइलें ईरान के साथ चल रहे युद्ध में बहुत कम हो गए हैं. साथ ही क्षेत्र में अमेरिका के रडार, एयर डिफेंस सिस्टम और मिलिट्री बेस को भारी नुकसान पहुंचा है. इसलिए अमेरिका इस वक्त मदद करने की पोजिशन में नहीं है.
हूथी विद्रोहियों ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और लाल सागर में शिपिंग को भी निशाना बनाया है, जहां उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में कई द्वीपों पर कब्ज़ा कर लिया है. वहीं, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बना रहा है. तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं. गौरतलब है सऊदी भी यमन पर लगातार एयरस्ट्राइक्स कर रहा है. इस दौरान हूती विद्रोहियों के मिलिट्री के प्रवक्ता याह्या सरी ने बुधवार शाम को कहा कि “सऊदी लड़ाकू विमानों ने पिछले 24 घंटों में ताइज़, मारिब और होदेइदाह प्रांतों को निशाना बनाते हुए 40 हवाई हमले किए”. इसके जवाब में, हूथी गुट ने एक बयान में कहा कि उन्होंने खमीस मुशैत एयरबेस और सऊदी अरब के लाल सागर तट पर स्थित यानबू शहर में तेल की एक सुविधा को निशाना बनाया.

