mahbuba mufti support ips bushra bano: पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में तैनात IPS बुशरा बानो को भाजपा सरकार ने ट्रांसफर कर दिया. हाल ही में बुशरा बानो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह अस्सलाम-अलैकुम, इंशाअल्लाह और जज़ाकल्लाह जैसे शब्दों का उपयोग करती दिख रही हैं. इस वीडियो के वायरल होने पर कट्टरपंथी हिंदुत्वादियों ने सोशल मीडिया पर बवाल काटा. एक हिंदुत्वादी संगठन ने IPS बुशरा बानो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद बुशरा बानो को ASP के पद से DSP बना दिया गया और उनका ट्रांसफर कर दिया गया. इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने सवाल खड़े किए और भाजपा सरकार पर निशाना साधा. इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP पार्टी की चीफ महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “बुशरा बानो का “अस्सलामु अलैकुम”, “इंशाअल्लाह” और “ज़ाज़ाकल्लाह” कहने के बाद तबादला कर दिया जाना, और फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का चुनाव को मुसलमानों की वफ़ादारी का “टेस्ट” बताना—जो पूरे समुदाय के लिए एक तरह की छिपी हुई धमकी है—अब हमें हैरान नहीं करता. उन्होंने लिखा, “हैरानी की बात तो यह है कि तीन आसान शब्द—”आप पर शांति हो”, “अगर भगवान ने चाहा” और “भगवान की तारीफ़ हो”—इतनी बड़ी और ताकतवर पार्टी को परेशान कर सकते हैं.
पहले हमारे खाने-पीने, कपड़ों और शादियों पर नज़र रखी गई, और अब हमारी बोलचाल और वोटों पर भी पहरा बिठाया जा रहा है. असुरक्षा का दूसरा नाम ही BJP है.”
इससे पहले कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा था. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्वीटर) पर लिखा, “एक नफ़रती TV चैनल ने पहले वो वीडियो सनसनीख़ेज़ बनाकर पोस्ट किया और महिला IPS की ऑनलाइन ट्रोलिंग करवाई गई, राज्य सरकार ने उनका साथ देने के बजाय अगले दिन उनका ट्रांसफ़र कर दिया.”
उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा, “ये कैसा भारत बना रहे हैं नरेंद्र मोदी जी? @IPS_Association क्या आप देख रहे हैं ?”
महुआ मोइत्रा ने IPS बुशरा बानो का किया समर्थन
तृणमूल कांग्रेस की महिला सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, “एक तरफ़ BJP सरकार BRICS समिट में “प्रेयर रूम” बनाकर अपनी सेक्युलर छवि दिखा रही है, तो दूसरी तरफ़ एक मुस्लिम महिला IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो को सिर्फ़ “अस्सलाम-अलैकुम” और “जज़ाकल्लाह” कहने पर किनारे कर दिया गया – जो ‘गोदी मीडिया’ द्वारा फैलाई जा रही नफ़रत को ही आगे बढ़ाता है. बुशरा, हम आपके साथ हैं”

