नई दिल्ली: दिल्ली, मध्य प्रदेश के बाद अब गुजरात के साबरकांठा में रामनवमी हिंसा आरोपी के घर बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन बुलडोजर चलाकर आरोपियों के अवैध निर्माण को गिराने का काम कर रहा है.
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को साबरकांठा में रामनवमी के मौके पर हिंसा के आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जा हटा लिया गया है. खबर है कि सरकारी बुलडोजर के मौके पर पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने खुद अपने घरों के अवैध हिस्से को गिराना शुरू कर दिया.
साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में मंगलवार को प्रशासन की ओर से अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया. बताया जा रहा है कि प्रशासन के बुलडोजरों ने रामनवमी के दौरान हुई हिंसा में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनके घरों को भी तोड़ दिया है.
गुजरात: साबरकांठा के हिम्मतनगर क्षेत्र में अतिक्रमण अभियान चलाया गया।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पटेल ने कहा, "नगर पालिका द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोज़र चलाया गया है। इलाके में पुलिस की भारी तैनाती की गई है।" pic.twitter.com/g2zKGdeEXm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 26, 2022
बता दें कि गुजरात के खंभात और साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में रामनवमी के जुलूसों पर पथराव किया गया. सांप्रदायिक झड़पों के बीच भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए.
क्षेत्र से विस्थापित हुए कई परिवार
न्यूज़ 24 खबर के अनुसार, 10 अप्रैल की दोपहर हिम्मतनगर शहर के छपरिया इलाके में रामनवमी का जुलूस निकाले जाने पर दो समुदायों के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. बाद में, स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए शहर के बाहर से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया. इसके बाद राज्य के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने हिंसा प्रभावित इलाके का दौरा किया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हिंसा में करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
खबर यह भी है कि पारिवारिक सुरक्षा को देखते हुए रामनवमी के मौके पर हुई हिंसा के बाद कई परिवार इलाके से विस्थापित होने लगे. हालांकि पथराव की घटना के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में धारा 144 लगा दी थी.