नई दिल्ली: जिलहिज्जा का चांद देश के कई शहरों में देखा गया. इसके साथ ही पहला जिलहिज्जा अब शुक्रवार को है, जबकि ईद उल-अजहा रविवार 10 जुलाई को मनाई जाएगी.
इस सिलसिले में मरकजी दारुल क़ज़ा, इमारत शरिया बिहार, उड़ीसा और झारखंड फुलवारी शरीफ पटना ने घोषणा की है कि मरकजी दारुल क़ज़ा और इसके तमाम शाखों में 30 जून, 2022 को चांद देखने का एहतेमाम किया गया.
फुलवारी शरीफ और उसके आसपास आसमान में बादल छाए रहने के कारण चांद दिखाई नहीं दिया, हालांकि सोपोल, अररिया, कटिहार, मालदा, चीनी, असम और अन्य जगहों से चांद दिखने की खबरें मिली थीं. शहादत और गवाही की पुष्टि की गई है. इसलिए, शुक्रवार, 1 जुलाई 2022, जिलहिज्जा के महीने की पहली तारीख बन गई और ईद उल-अजहा रविवार, 10 जुलाई को होगी.

अन्य रूवित-ए-हिलाल कमेटियों और धार्मिक विद्वानों ने भी चांद नज़र आने की पुष्टि की है. जमाते अहले हदीस हिन्द ने भी चांद नज़र आने की पुष्टि की है.

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मौजूद दारुल उलूम फरंगी महल के सरपरस्त मौलना खालिद राशिद फरंगी महली ने चांद देखने की पुष्टि की है और उन्होंने ईद उल-अजहा रविवार 10 जुलाई को मानाने का ऐलान किया है.

नई दिल्ली में मौजूद इमारत शरिया ने भी चांद देखने की पुष्टि की है और कहा कि ईद उल-अजहा रविवार, 10 जुलाई को होगी.

इसके अलावा भी अन्य रूवित-ए-हिलाल कमेटियों ने भी चांद देखने की पुष्टि की है.

इसके अलावा उलेमा ने भी घोषणा की है कि पहला जिलहिज्जा अब शुक्रवार को है, जबकि ईद उल-अजहा रविवार 10 जुलाई को मनाई जाएगी.

