नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के उत्तरी जिले में मौजूद फतेहपुरी मस्जिद के शाही ईमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद को लगातार धमकियां मिल रही हैं. बताया जा रहा है कि इन धमकियों का सिलसिला 5 जुलाई को शुरू हुआ था, जिसके बाद शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम ने नॉर्थ दिल्ली के लाहौरी गेट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई है. मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है.
ज़ी न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमा धारा 295 ए/ 506 के तहत 8 जुलाई 2022 को दर्ज किया गया है. फतेहपुरी मस्जिद के शाही ईमाम मुफ्ती मुकर्रम ने पुलिस को बताया है कि उन्हें और उनके परिवार को बीते तीन दिनों से (5,7 और 8 जुलाई 2022) से लगातार धमकियां मिल रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, धमकियां देने वाला लैंडलाइन पर फोन कॉल कर धमकियां दे रहा है. वहीं धमकियां देने वाले शख्स का नंबर लैंडलाइन पर नजर नहीं आ रहा है.
दिल्ली उत्तरी जिले के डीसीपी सागर सिंह कलसी ने बताया कि शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम ने अपनी शिकायत में कहा है कि धमकी देने वाले ने उनके लैंडलाइन नंबर पर दो बार फोन किया था. पहला फोन पांच जुलाई को और दूसरा सात जुलाई को आया था. शाही इमाम की शिकायत पर लाहौरी गेट थाने में जान से मारने की धमकी देने का मामला कर लिया गया है और पुलिस छानबीन में लग गई है. इसके साथ ही पुलिस इनके लैंडलाइन नंबर की डिटेल खंगाल रही है, ताकि जल्द से जल्द धमकियां देने वाले लोगों का पता लगाया जा सके.
गौरतलब है कि मुफ्ती मुकर्रम अहमद एक भारतीय मुस्लिम धार्मिक और साहित्यिक विद्वान हैं. अहमद शाही इमाम और भारत की दूसरी सबसे बड़ी मस्जिद, शाही मस्जिद फतेहपुरी मस्जिद के खतीब हैं. वह अरबी, उर्दू, फारसी, अंग्रेजी और हिंदी के विद्वान हैं और आधुनिक अरबी साहित्य में उन्होंने पीएच.डी की डिग्री ली है. वह चांद दिखने और ईद मनाने जैसे मुद्दों पर मुसलमानों (अहले सुन्नत) का प्रतिनिधित्व करते हैं.
गौरतलब है कि डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद शाही मस्जिद फतेहपुरी में पिछले 45 साल से इमामत की ड्यूटी कर रहे हैं. मस्जिद का निर्माण 17वीं शताब्दी में मुगल बादशाह शाहजहां की पत्नी फतेहपुरी बेगम ने करवाया था.

