Rafiqul Islam On Himanta Biswa Sarma: असम में बीजेपी की हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार ने 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर एक साल के लिए रोक लगा दी है. हालांकि, यह आदेश अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और चाय बागान मजदूरों पर लागू नहीं होगी. बीजेपी सरकार के इस फैसला का कड़ा विरोध हो रहा है. हिमंता सरकार के इस फैसले पर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) नेता रफीकुल इस्लाम ने इस फैसले को तुगलकी फरमान बताया है.
AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री जी तुगलकी फरमान जारी करने और जुमलेबाजी करने में माहिर है. वो किसी कानून को मानते ही नहीं है.
‘विदेशी आता है, तो उसे पकड़ो और वापस भेजो’
रफीकुल इस्लाम ने असम सरकार द्वारा इस साल अक्टूबर से नए आधार कार्ड जारी करने पर रोक लगाने के फैसले पर कहा कि अगर कोई विदेशी आता है, तो उसे पकड़ो और उसके देश वापस भेजो. उसे आधार कार्ड क्यों देना? उसका नाम वोटर लिस्ट में क्यों जोड़ना और उसे नागरिकता क्यों देना?
‘ये सब तुगलकी फरमान’
उन्होंने कहा कि सिर्फ विदेशियों के डर से भारतीय नागरिकों को आधार कार्ड बनवाने के लिए केवल एक महीने का समय देना ये सब तुगलकी फरमान हैं. भारतीय लोगों का आधार कार्ड अधिकार है.
#WATCH | Guwahati: On the Assam government stopping the issuance of new Aadhaar cards from October this year, AIUDF leader Rafiqul Islam says, “…If a foreigner comes, detain him and send him back to his country. Why give him an Aadhaar card, add his name to the voter list and… pic.twitter.com/Q0fffs8D6z
— ANI (@ANI) August 22, 2025
रफीकुल इस्लाम ने असमकी बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि असम की सरकार लोगों को वोटिंग करने से रोकना चाहती है. विदेशियों के डर से भारतीयों को आधार कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ 30 दिन का समय देना गलत है.
असम में होगी SIR प्रक्रिया
इसके साथ ही AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने कहा कि असम में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है. मुख्यमंत्री कुछ लोगों को निशाना बनाकर उन्हें आधार कार्ड और वोटर लिस्ट में शामिल होने से रोकना चाहते हैं.