Agra News: देश में मुसलमानों के खिलाफ हिंदूवादी संगठन और दक्षिणपंथी नेता लगातार नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं. हिंदूवादी नेता खुलेआम मुसलमानों की सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार की बात करते हुए विवादित बयान दे रहे हैं. एक ऐसा ही मामला आगरा से आया है, जहां पूरी दूनिया के सभी धर्मों के लोग ताजमहल देखने पहुंचते हैं. आगरा के एक हिंदूवादी नेता ने मुस्लिम दुकानदारों को प्रतिबंध लगाने की मांग की है. आईए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है…
आगरा के एक हिंदूवादी नेता ने उत्तर प्रदेश के आगरा में लगने वाले राजेश्वर मेले (Rajeshwar Mandir fair) के दौरान मुस्लिम दुकानदारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. इसके लिए उन्होंने आगरा पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है.
हिंदूवादी नेता ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि हमने आगरा पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखते हुए मांग की है कि राजेश्वर मेले के दौरान मुस्लिम दुकानदारों पर प्रतिबंध लगाए जाए.
‘मुसलमान हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हैं’
हिंदूवादी नेता ने कहा कि मुसलमान थूक और मूत मिलाकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ और हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं. यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
‘मुसलमानों का क्या काम’
हिंदूवादी नेता ने आगे कहा कि मंदिर और मेला हिंदुओं का है तो मुसलमानों का क्या काम है. साथ ही सभी दुकानदारों के आधार कार्ड चेक किए जाए, ताकि पता चल सके कि दुकानदार मुसलमान है या हिंदू है.
“मुसलमान थूक और मूत मिलाकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं!”: हिंदूवादी नेता
उत्तर प्रदेश के आगरा में लगने वाले राजेश्वर मेले के दौरान मुस्लिम दुकानदारों पर प्रतिबंध लगाने के लिए इस हिंदूवादी नेता ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है। pic.twitter.com/Y6ANQed3c8
— Muslim Spaces (@MuslimSpaces) July 10, 2025
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी दुकानदार मेले में दुकान लगाएगा वह अपना नाम लिखेगा. इन्हें (मुसलमानों) हमारे किसी त्योहार से मतलब नहीं होना चाहिए.
यह कोई पहला मामला नहीं हैं
बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं हैं जहां मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार की बात की गई है. इससे पहले पुणे जिले के मुलशी तालुक के पौड और पिरंगुट गांवों में हिंदूवादी संगठनों और दक्षिणपंथी समूहों ने रैली निकालते हुए मुसलमानों को धमकी देते हुए आर्थिक बहिष्कार की बात की. इसके बाद मुस्लिम परिवार डर के कारण गांव छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं.

